T20 वर्ल्ड कप में कैसी होंगी पिचें? वॉर्नर ने IPL से तुलना करते हुए बता दिया
IPL का मौजूदा सीजन काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके ठीक बाद T20 वर्ल्ड कप का आयोजन होने वाला है, जो कैरेबियाई और अमेरिका में होगा।
- खेल समाचार
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IPL 2024: मौजूदा IPL के दौरान सपाट पिचों ने एंकर बल्लेबाज (एक छोर संभालकर खेलने वाला बल्लेबाज) की भूमिका को कुछ हद तक अप्रासंगिक बना दिया है, लेकिन दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी T20 वर्ल्ड कप के दौरान अहम भूमिका निभाएंगे, क्योंकि कैरेबिया में धीमी और स्पिन लेती पिचें सभी बल्लेबाजों की परीक्षा लेंगी।
भारत के विराट कोहली और लोकेश राहुल पारंपरिक दृष्टिकोण वाले ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आक्रामक होकर खेलने से पहले अपनी पारी का मंच तैयार करते हैं, जबकि ट्रेविस हेड, हेनरिक क्लासेन, जोस बटलर और जेक-फ्रेजर जैसे खिलाड़ी शुरुआत से लेकर अंत तक आक्रामक रुख अख्तियार करते हैं।
T20 वर्ल्ड कप में दिखेगी IPL जैसी बैटिंग?
ये पूछे जाने पर कि क्या IPL के बल्लेबाजी रवैये को T20 वर्ल्ड कप में दोहराया जा सकता है तो वॉर्नर ने नकारात्मक जवाब दिया। वार्नर ने पीटीआई के सवाल के जवाब में कहा-
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वेस्टइंडीज की पिचें धीमी हो सकती हैं और वो थोड़ा टर्न लेंगी। मुझे नहीं लगता कि वो उतनी सपाट होंगी जितनी वो यहां हैं। आप जानते हैं, मैंने वहां बहुत सारी क्रिकेट खेला है। वहां मैं CPL (कैरेबियाई प्रीमियर लीग) में खेला हूं। विकेट पर गेंद थोड़ी नीची रहेगी और धीमी आएगी। यहां तक कि जब हम 2010 विश्व कप में वहां खेले थे, तब भी वहां की पिचें बड़े स्कोर वाली नहीं थीं। तब आपको एक एंकर की जरूरत थी। माइक हसी जैसा खिलाड़ी आया और उसने हमारे लिए रन बनाए। उसे टिककर खेलना पड़ा।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया 2010 T20 वर्ल्ड कप में उप विजेता रहा था। वॉर्नर ने कहा-
वहां ये पूरी तरह से अलग होगा। प्राकृतिक तत्वों को भी जोड़ें। वहां मुख्य रूप से दिन में मैच होंगे, इसलिए ये एक बड़ा कारक है। तो गेंद निश्चित रूप से कम से कम वहां भारत की तरह स्विंग नहीं होगी। यहां पहले चार या पांच ओवरों के लिए गेंद स्विंग कर सकती है और ये चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कैरेबिया में पिचें सूखी हैं, गेंद पुरानी हो जाएगी और स्पिन लेगी।
सनराइजर्स हैदराबाद के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने दिल्ली के खिलाफ 12 गेंदों पर 46 रन बनाए, जबकि जेक-फ्रेजर ने 15 गेंदों पर 50 रन बनाए और ट्रेविस हेड ने सिर्फ 39 गेंदों में 100 रन बनाए थे। वॉर्नर को लगता है कि जब तक दुनिया भर में टेस्ट मैचों की तरह अच्छी अनुकूल गेंदबाजी स्थितियां नहीं मिलतीं, तब तक अच्छे गेंदबाज अच्छे बल्लेबाजों को आउट नहीं कर पाएंगे।