पशुपति पारस का इस्तीफा, तो अब हाजीपुर सीट से चाचा Vs भतीजा? रोचक होगा लोकसभा चुनाव का मुकाबला
Bihar News: आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में NDA की सीट शेयरिंग फॉर्मूले से नाराज होकर पशुपति पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।
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Pashupati Paras Resigns: आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में NDA की सीट शेयरिंग फॉर्मूले से नाराज होकर पशुपति पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के अध्यक्ष के इस फैसले से बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है क्योंकि अब जिस तरह से माहौल बन रहा है उसके अनुसार लोकसभा चुनाव 2024 में चाचा Vs भतीजा के बीच टक्कर लगभग तय है।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए पशुपति पारस ने कहा कि 5-6 दिन पहले मैंने प्रेस वार्ता में कहा था कि मैं तब तक इंतजार करूंगा जब तक NDA सीटों की घोषणा नहीं करती। मैंने बहुत ईमानदारी से NDA की सेवा की। पीएम नरेंद्र मोदी देश के बड़े नेता हैं, लेकिन हमारी पार्टी और व्यक्तिगत रूप से हमारे साथ नाइंसाफी हुई। इसलिए मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देता हूं।
पशुपति का इस्तीफा, अब चाचा Vs भतीजा?
पशुपति पारस ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रगुजार हूं, वो बहुत बड़े नेता हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग में हमारी पार्टी के साथ नाइंसाफी हुई है। हमें एक भी सीट नहीं दी गई और इसलिए मैं केंद्रीय मंत्री पद से त्याग पत्र देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वो लोकसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से उतरेंगे जहां से वो मौजूदा सांसद हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि पशुपति पारस को महागठबंधन का साथ मिलेगा या वो अकेले अपने चुनाव चिन्ह से मैदान में उतरेंगे।
रोचक हुआ हाजीपुर सीट का मुकाबला
बिहार की हाजीपुर सीट एक समय पर रामविलास पासवान का गढ़ माना जाता था। 2020 में उनकी मृत्यु के बाद पशुपति पारस वहां के लोकसभा सांसद हैं। अब उनके इस्तीफे के बाद इस बात पर लगभग मुहर लग गई है कि हाजीपुर सीट से इस बार चाचा पशुपति का टक्कर चिराग पासवान से होने वाला है। बता दें कि रामविलास पासवान के निधन के बाद उनके बेटे चिराग बिहार की राजनीति में नए सितारे बनकर उभरे हैं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी ने उनपर दांव लगाते हुए उनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में 5 सीट देने का फैसला किया है। अब हाजीपुर सीट से चाचा बनाम भतीजा की लड़ाई में जनता किसपर भरोसा दिखाती है ये देखना दिलचस्प होगा।