अपडेटेड 4 February 2026 at 23:33 IST

जिनपिंग ने पहले पुतिन को किया वीडियो कॉल फिर डोनाल्ड ट्रंप को घुमाया फोन... भारत के टैरिफ में कटौती के बाद क्या खेला कर रहा ड्रैगन?

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की, जो कई महीनों बाद उनकी पहली सीधी बातचीत थी।

Jinping-Trump-Putin
Jinping-Trump-Putin | Image: AP/Republic

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की, जो कई महीनों बाद उनकी पहली सीधी बातचीत थी।

यह कॉल शी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से वीडियो लिंक के जरिए बात करने के तुरंत बाद हुई, जिसके दौरान बीजिंग और मॉस्को ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच अपने संबंधों को "स्थिर" बताया। क्रेमलिन ने बाद में कहा कि पुतिन ने इस साल के पहले छमाही में चीन आने के शी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

टैरिफ के कारण महीनों का व्यापार तनाव

चीनी सरकारी ब्रॉडकास्टर ने बताया कि शी-ट्रंप बातचीत अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति के चीन के संभावित दौरे से पहले हुई, हालांकि बीजिंग ने तुरंत कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की। व्हाइट हाउस ने भी टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।

दोनों नेताओं ने आखिरी बार नवंबर के आखिर में फोन पर बात की थी, जिसके बाद ट्रंप ने वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंधों को "बेहद मजबूत" बताया था। यह बातचीत पूर्वी एशिया में बढ़े तनाव के दौर के बाद हुई थी, जिसमें चीन-जापान संबंधों में तनाव भी शामिल था।

Advertisement

यह नई राजनयिक पहल वैश्विक भू-राजनीति में एक संवेदनशील क्षण में हुई है, क्योंकि रूस की अमेरिका के साथ 2010 में हस्ताक्षरित नई START परमाणु हथियार संधि गुरुवार को समाप्त होने वाली है।

पिछले साल ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण महीनों के व्यापार तनाव से वाशिंगटन और बीजिंग के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। हालांकि, अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में शी और ट्रंप की मुलाकात के बाद संबंधों में स्थिरता के संकेत दिखे, जहां दोनों पक्षों ने एक नाजुक व्यापार युद्धविराम पर सहमति जताई थी।

Advertisement

क्या भारत के टैरिफ कटौती से तिलमिलाया चीन?

नई टैरिफ संरचना के साथ, भारत को अब इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी निर्यात अर्थव्यवस्थाओं पर स्पष्ट फायदा है, जिसमें इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम की तुलना में कम टैरिफ दरें हैं। चीन और पाकिस्तान की तुलना में, भारत में अब काफी कम टैरिफ हैं। ऐसे में ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि जिनपिंग ने भारत को फायदा होते देखकर ट्रंप से अपने व्यापार को लेकर भी गुहार लगाई होगी और टैरिफ घटाने की अपील की होगी। इसका कारण ये है कि अगर भारत पर टैरिफ चीन से कम रहा तो भारत के साथ अमेरिकी व्यापार बढ़ेगा, जबकि चीन के साथ घटेगा।

किसपर कितना टैरिफ?

  • चीन: 37 प्रतिशत
  • ब्राजील: 50 प्रतिशत
  • दक्षिण अफ्रीका: 30 प्रतिशत
  • म्यांमार: 40 प्रतिशत
  • लाओस: 40 प्रतिशत
  • यूरोपीय संघ: 15 प्रतिशत
  • जापान: 15 प्रतिशत
  • दक्षिण कोरिया: 15 प्रतिशत
  • स्विट्जरलैंड: 15 प्रतिशत
  • यूनाइटेड किंगडम: 10 प्रतिशत
  • बांग्लादेश: 20 प्रतिशत
  • वियतनाम: 20 प्रतिशत
  • मलेशिया: 19 प्रतिशत
  • कंबोडिया: 19 प्रतिशत
  • थाईलैंड: 19 प्रतिशत
  • पाकिस्तान: 19 प्रतिशत

ये भी पढ़ेंः 'विपक्ष की महिलाओं ने PM मोदी को...', BJP ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 4 February 2026 at 23:33 IST