टिक-टिक-टिक... 48 घंटे खत्म होने से पहले ट्रंप ने कर ली ईरान पर 'कहर बरसाने' की तैयारी, तेहरान में तैनात होंगी घातक JASSM-ER क्रूज मिसाइलें?
JASSM-ER Cruise Missiles: यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध का रविवार को 36वां दिन था।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अमेरिका की घातक 'ज्वाइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज' (JASSM-ER) क्रूज मिसाइलों को तैनात करने का आदेश दिया है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध का रविवार को 36वां दिन था।
ट्रंप ने दी है धमकी
ईरान पहले से ही ट्रंप द्वारा कुछ घंटे पहले जारी किए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के दबाव में है। इस अल्टीमेटम में तेहरान को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (जलडमरूमध्य) को खोलने की समय सीमा दी गई है, और कहा गया है, "समय तेजी से बीत रहा है। 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा। ईश्वर की महिमा हो!"
कितनी घातक है ये मिसाइल?
'ज्वाइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज' (JASSM-ER) क्रूज मिसाइलें लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम मिसाइलें हैं। ये 600 मील से भी अधिक दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन मिसाइलों को दुनिया भर में कई रणनीतिक स्थानों पर बने भंडारों से तैनात किया जाएगा।
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इन घातक मिसाइलों का मंडराता खतरा तब सामने आया, जब ट्रंप ने कहा कि अमेरिका "ईरान को पूरी तरह से तबाह करना जारी रखेगा, या जैसा कि लोग कहते हैं, उसे 'पाषाण युग' (Stone Ages) में वापस भेज देगा।"
'नरक के द्वार खुल जाएंगे...': ईरान
ईरान ने ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम पर कड़ा पलटवार किया है। 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' के जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने कहा कि ट्रंप के संदेश का सीधा सा अर्थ यह है कि "तुम्हारे लिए नरक के द्वार खुल जाएंगे।"
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उन्होंने आगे कहा, "लगातार हार स्वीकार करने के बाद, अमेरिका के इस आक्रामक राष्ट्रपति ने एक हताश, घबराहट भरी, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण चाल चलते हुए, ईरान के बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय संपत्तियों को धमकी दी है।"