अपडेटेड 26 March 2026 at 15:12 IST
'ना-ना, मुझे नहीं चाहिए', ईरान ने ट्रंप को दिया सुप्रीम लीडर बनने का ऑफर! अमेरिकी राष्ट्रपति के ऊल-जलूल दावों में कितनी सच्चाई?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के लोग चाहते थे कि वह उनके सर्वोच्च नेता बन जाएं, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने इस सुझाव को ठुकरा दिया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के लोग चाहते थे कि वह उनके सर्वोच्च नेता बन जाएं, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने इस सुझाव को ठुकरा दिया।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए, ट्रंप ने संकेत दिया कि उन्होंने ईरान के अंदर से ऐसी आवाजें सुनी हैं जो उन्हें शीर्ष नेतृत्व की भूमिका के लिए प्रस्तावित कर रही थीं, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी पद में कोई दिलचस्पी नहीं है।
क्या बोले ट्रंप?
उन्होंने कहा, "किसी भी देश का ऐसा कोई प्रमुख कभी नहीं रहा जिसने ईरान का प्रमुख बनने की इच्छा इतनी कम रखी हो। हम उनकी बातें बहुत साफ-साफ सुनते हैं। वे कहते हैं, 'हम आपको अगला सर्वोच्च नेता बनाना चाहते हैं।' मैंने कहा, नहीं, धन्यवाद। मुझे यह नहीं चाहिए।"
ये टिप्पणियां नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी (NRCC) के फंडरेजिंग डिनर में दिए गए एक संबोधन के दौरान की गईं।
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'कैंसर को काटकर निकालना पड़ा': ट्रंप
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई जरूरी थी, और उन्होंने इस खतरे को एक "कैंसर" बताया जिसे "काटकर निकालना" जरूरी था। उन्होंने खुलासा किया कि पिछली अमेरिकी सरकारों ने "47 सालों" तक कोई निर्णायक कार्रवाई करने से परहेज किया था।
उन्होंने कहा, "जब मैंने वह काम किया जो 47 सालों से किसी भी दूसरे राष्ट्रपति को कर देना चाहिए था और आपने उनमें से कई लोगों को यह कहते सुना होगा कि काश उन्होंने ऐसा किया होता, लेकिन उनमें ऐसा करने की हिम्मत नहीं थी। हमारे पास कोई और चारा नहीं था, लेकिन मुझे लगा था कि स्थिति और भी ज्यादा खराब हो जाएगी।"
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उन्होंने आगे कहा, "कम समय के लिए, हमें जो करना था वह था कैंसर से छुटकारा पाना। हमें कैंसर को काटकर निकालना था। वह कैंसर था परमाणु हथियार वाला ईरान। हमने उसे काटकर निकाल दिया है। अब हम उसे पूरी तरह खत्म करने जा रहे हैं।"
ट्रंप के दावों में कितनी सच्चाई?
पूरी दुनिया में ट्रंप झूठ बोलने के लिए मशहूर हैं। विश्व का ऐसा कोई नेता नहीं, जो ट्रंप के बराबर या उनसे ज्यादा झूठ बोलता हो। दूसरी तरफ, ईरान कभी भी ट्रंप को सुप्रीम लीडर बनने का ऑफर नहीं दे सकता। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि सुप्रीम लीडर ईरान का सर्वोच्च पद होता है, जो देश की सेना, विदेश नीति और प्रमुख सरकारी संस्थाओं पर अंतिम नियंत्रण रखता है। उनका चयन विशेषज्ञों की सभा (Assembly of Experts) द्वारा किया जाता है, जो 88 वरिष्ठ मौलवियों का एक निकाय है।
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच हमेशा से मतभेद रहा है। ईरान कभी भी अपने दुश्मन को सुप्रीम लीडर बनने का ऑफर नहीं दे सकता। क्योंकि इससे ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा और ईरान पर अमेरिका का कंट्रोल हो जाएगा, जो तेहरान और वहां के लोगों के लिए स्वीकार करना असंभव है।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 26 March 2026 at 15:12 IST