क्या खत्म हो जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध, पुतिन-ट्रंप की मीटिंग से यूक्रेन को क्या उम्मीदें? बैठक पर भारत की भी नजर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से निकल गए हैं, और आज उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से निकल गए हैं, और आज उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने वाली है। इस बैठक पर आज दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि इस बैठक से रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का कोई रास्ता निकलकर आएगा। हालांकि, यूक्रेन इस बैठक को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा।
जानकारों का मानना है कि यूक्रेन में युद्ध के अचानक अंत की कोई उम्मीद नहीं है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी कहा है कि यह बैठक यूक्रेन से कोसों दूर हो रही है, और इसमें कीव को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में युद्ध पर अचानक कोई फैसला आना संभव नहीं है।
क्या कर सकते हैं पुतिन?
जानकारों का मानना है कि पुतिन चापलूसी करके, या किसी बड़े समझौते की संभावना दिखाकर ट्रंप के घमंड को भड़काने की कोशिश कर सकते हैं। लेकिन, अगर आगे चलकर उस 'बड़े समझौते' में परमाणु हथियारों पर नए सिरे से प्रतिबंध शामिल होता है, तो कम से कम इससे एक उम्मीद की किरण तो जगेगी। रूस, चीन और अमेरिका पहले ही एक खतरनाक और बेहद महंगी रणनीतिक हथियारों की दौड़ में शामिल हो चुके हैं। हालांकि, इससे पहले पुतिन ने संकेत दिया था कि वह परमाणु हथियारों को सीमित करने पर बातचीत को फिर से शुरू करने में रुचि रखते हैं।
ट्रंप के पोस्ट ने बढ़ाई धड़कनें
मीटिंग के लिए रवाना होने के कुछ मिनट पहले सोशल मीडिया पर ट्रंप की छोटी सी पोस्ट - "बड़ा दांव!" - ने उम्मीदें और धड़कनें दोनों बढ़ा दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति एंकोरेज स्थित अमेरिकी एयरबेस पर उतरेंगे, जिसके तुरंत बाद राष्ट्रपति पुतिन भी उतरेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कोई भी बातचीत होने से पहले ही कीव इसे मास्को की जीत के रूप में देख रहा है, क्योंकि जेलेंस्की का मानना है कि यूक्रेन को शामिल किए बिना रूस-यूक्रेन युद्ध पर कोई भी बैठक तर्कहीन है।
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भारत समेत कई देशों को भी उम्मीदें
ट्रंप और पुतिन की ये बैठक अगर सफल होती है, तो भारत समेत कई देशों को टैरिफ से राहत मिल सकती है। इसका कारण ये है कि ट्रंप ने रूस-यूक्रेन पर कोई सहमति ना बन पाने के कारण ही रूस के साथ व्यापार कर रहे देशों पर टैरिफ का ऐलान किया है। हालांकि, अगर ये बैठक फेल होती है, और ट्रंप गुस्से में वहां से निकलते हैं, तो रूस के साथ-साथ दूसरे देशों पर भी यह बैठक भारी पड़ सकती है।