'बातचीत करना चाहता है ईरान, मैं तैयार हूं', तेहरान पर इजरायली अटैक के बीच ट्रंप का बड़ा दावा; कहा- 48 नेता मारे गए, ये पहले करना चाहिए था
तेहरान पर अटैक के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान का नया नेतृत्व उनके प्रशासन से बात करना चाहता है और वह ऐसा करने का प्लान बना रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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तेहरान पर अटैक के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान का नया नेतृत्व उनके प्रशासन से बात करना चाहता है और वह ऐसा करने का प्लान बना रहे हैं।
अमेरिकी मैगजीन ने उनके हवाले से कहा, “वे बात करना चाहते हैं और मैं बात करने के लिए राजी हो गया हूं, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।” ट्रंप ने आगे कहा, “उन्हें यह पहले कर लेना चाहिए था। उन्हें वह देना चाहिए था जो बहुत प्रैक्टिकल और आसान था। उन्होंने बहुत देर कर दी।” उन्होंने इस पर कोई कमेंट नहीं किया कि बातचीत कब होगी।
'48 नेता मारे गए'
US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि देश पर चल रहे US-इजरायली हमलों में 48 ईरानी नेता मारे गए हैं। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “यह आगे बढ़ रहा है। यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। 47 सालों से ऐसा ही चल रहा है। यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोई भी हमारी सफलता पर यकीन नहीं कर सकता, एक ही बार में 48 नेता चले गए और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है।”
आपको बता दें कि ओमान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री, अब्बास अरागची ने अपने ओमानी काउंटरपार्ट, बद्र बिन हमद अल बुसैदी से कहा कि तेहरान तनाव कम करने की किसी भी गंभीर कोशिश के लिए तैयार है। ओमान ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई न्यूक्लियर बातचीत में मीडिएटर की भूमिका निभा रहा है और अल बुसैदी ने शुक्रवार को वाशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात की। ओमान के विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, अरागची ने यह भी कहा कि अमेरिका-इजरायल के मिले-जुले हमले इलाके में बढ़ते तनाव और घबराहट का कारण हैं।
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'भारी कीमत चुकानी पड़ेगी'
ईरानी अधिकारियों ने साफ किया है कि यह पूरे पैमाने पर विरोध का समय है। उनका कहना है कि वे जितना हो सके जोरदार तरीके से जवाब देने का इरादा रखते हैं, और उन्होंने अभी तक अपनी सबसे ताकतवर मिलिट्री क्षमताओं को तैनात नहीं किया है, जिसमें उनके कुछ एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम भी शामिल हैं। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका और इजरायल दोनों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।