Iran-US War: '2 दिन में पाकिस्तान में कुछ बड़ा होगा', इजरायल-लेबनान वार्ता के बाद क्या अब रुक जाएगा ईरान युद्ध, ट्रंप के बयान के मायने क्या?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में "कुछ बड़ा हो सकता है," क्योंकि अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर वापस आने की कोशिश कर रहे हैं।

US-Iran War
US-Iran War | Image: Republic

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में "कुछ बड़ा हो सकता है," क्योंकि अमेरिका और ईरान बातचीत की मेज पर वापस आने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्रंप ने इस्लामाबाद में रिपोर्टिंग कर रहे एक रिपोर्टर से कहा, "आपको वहीं रहना चाहिए, सच में, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ हो सकता है, और हमारा झुकाव उधर जाने की तरफ ज्यादा है।" उन्होंने कहा, "इसकी संभावना ज्यादा है, जानते हैं क्यों? क्योंकि फील्ड मार्शल बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं।"

फिर मुनीर की तारीफ

ट्रंप पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर का जिक्र कर रहे थे, और उन्हें "शानदार" बताया। शांति वार्ता के लिए जिनेवा को भी एक संभावित जगह के तौर पर सुझाया गया है, लेकिन ट्रंप ने इस संभावना को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। ट्रंप ने कहा, "हम ऐसे किसी देश में क्यों जाएं जिसका इस मामले से कोई लेना-देना ही न हो?"

ईरान के पाले में गेंद

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका ने "काफी प्रगति" की है। उन्होंने यह भी कहा कि "अब गेंद ईरान के पाले में है," क्योंकि मध्यस्थ कथित तौर पर दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं; यह तब हुआ जब वेंस और अमेरिकी टीम शनिवार को इस्लामाबाद में हुई शिखर बैठक से बाहर निकल गए थे।

Advertisement

अमेरिकी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में वेंस ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताहांत पाकिस्तान में चल रही बातचीत को इसलिए छोड़ दिया था, क्योंकि "वहां मौजूद ईरानी टीम कोई समझौता करने में असमर्थ थी। उन्हें तेहरान वापस जाकर, या तो सर्वोच्च नेता से या किसी अन्य व्यक्ति से, उन शर्तों के लिए मंजूरी लेनी थी जो हमने तय की थीं।"

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले वेंस ने इंटरव्यू के दौरान कहा, "अब से सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरानियों में पर्याप्त लचीलापन होगा? क्या ईरानी उन जरूरी बातों को स्वीकार करेंगे जिन्हें हम देखना चाहते हैं, ताकि यह काम पूरा हो सके?" उन्होंने आगे कहा, "ईरान से संवर्धित सामग्री (enriched material) को बाहर निकालना हमारे लिए अनिवार्य है। हमें उनकी ओर से इस बात की पक्की प्रतिबद्धता चाहिए कि वे कोई परमाणु हथियार विकसित नहीं करेंगे।"

Advertisement

लेबनान को सीजफायर डील में शामिल करने की अपील

कई यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रियों ने आज एक संयुक्त बयान जारी कर लेबनान को क्षेत्रीय तनाव कम करने की प्रक्रिया में शामिल करने की अपील की।

ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, क्रोएशिया, साइप्रस, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम के इन मंत्रियों ने लेबनान और इजरायल के बीच चल रही बातचीत की सराहना की और दोनों पक्षों से "तत्काल तनाव कम करने" का आग्रह किया।

इजरायल पर हिज्बुल्लाह के हमलों की निंदा करते हुए, मंत्रियों ने लेबनान पर और इस क्षेत्र में मानवीय संगठनों के कार्यकर्ताओं पर इजरायली हमलों की भी निंदा की। संयुक्त बयान में कहा गया, "हम लेबनान की जनता और वहां के अधिकारियों के प्रति अपनी पूरी एकजुटता और अटूट समर्थन व्यक्त करते हैं। हम लेबनान सरकार के समन्वय से, लेबनान में विस्थापित हुए दस लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"

ये भी पढ़ेंः 40 मिनट तक PM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन पर बात

Published By :
Kunal Verma
पब्लिश्ड