अपडेटेड 25 March 2026 at 23:22 IST
EXPLAINER: अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव को ईरान ने किया खारिज, रख दी ये 5 शर्तें... जानिए ट्रंप के लिए मानना क्यों है असंभव?
ईरान के एक अधिकारी ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में युद्ध खत्म करने के लिए पांच शर्तें बताई हैं। यह जानकारी बुधवार को सरकारी मीडिया आउटलेट 'प्रेस टीवी' ने दी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

ईरान के एक अधिकारी ने अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में युद्ध खत्म करने के लिए पांच शर्तें बताई हैं। यह जानकारी बुधवार को सरकारी मीडिया आउटलेट 'प्रेस टीवी' ने दी।
हालांकि, यह साफ नहीं है कि जिस व्यक्ति को 'प्रेस टीवी' ने प्रस्ताव की बारीकियों की जानकारी रखने वाला एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी बताया है, क्या उसे ईरानी सरकार की ओर से बोलने का अधिकार है। लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि इसका मकसद अमेरिकी पक्ष और अन्य अंग्रेजी बोलने वालों तक अपनी बात पहुंचाना था।
इन शर्तों में ये बातें शामिल हैं:
- आक्रामकता और हत्याओं पर पूरी तरह से रोक।
- ऐसे ठोस तंत्र स्थापित करना, जो यह सुनिश्चित करें कि ईरान पर युद्ध दोबारा शुरू न हो।
- युद्ध से हुए नुकसान और हर्जाने का गारंटीशुदा और स्पष्ट रूप से तय भुगतान।
- यह शर्त कि युद्ध सभी मोर्चों पर और पूरे क्षेत्र में ईरान के सभी सहयोगी गुटों के लिए समाप्त हो (जिसके लिए लेबनान पर इजराइल के उन हमलों को रोकना जरूरी होगा, जो हिज्बुल्लाह को निशाना बना रहे हैं)।
- इस बात की गारंटी कि ईरान 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर अपनी संप्रभुता का प्रयोग कर सके और इस जलडमरूमध्य पर उसके कानूनी अधिकार को मान्यता दी जाए।
ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध खत्म होने का समय तय करने की अनुमति नहीं देगा। अधिकारी ने कहा: "ईरान युद्ध तभी खत्म करेगा, जब वह खुद ऐसा करने का फैसला करेगा और जब उसकी अपनी शर्तें पूरी हो जाएंगी।"
ट्रंप के प्रस्ताव में क्या था?
- ईरान को अपनी मौजूदा परमाणु क्षमताओं को खत्म करना होगा।
- ईरान को यह वादा करना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा।
- ईरान की धरती पर यूरेनियम संवर्धन (enrichment) का कोई काम नहीं होगा।
- ईरान को जल्द ही, एक तय समय-सीमा के अंदर, अपने पास जमा लगभग 450 किलोग्राम 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का भंडार अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा।
- नतान्ज, इस्फहान और फोर्डो में मौजूद परमाणु सुविधाओं को खत्म करना होगा।
- संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, IAEA को ईरान के अंदर पूरी पहुंच, पारदर्शिता और निगरानी का अधिकार दिया जाना चाहिए।
- ईरान को अपने क्षेत्रीय प्रॉक्सी (छद्म) "मॉडल" को छोड़ना होगा।
- ईरान को अपने क्षेत्रीय प्रॉक्सी गुटों को पैसे देना, उन्हें निर्देश देना और उन्हें हथियार मुहैया कराना बंद करना होगा।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खुला रहना चाहिए और एक स्वतंत्र समुद्री मार्ग के तौर पर काम करना चाहिए।
- ईरान के मिसाइल कार्यक्रम की मारक क्षमता और संख्या, दोनों पर सीमाएं तय की जानी चाहिए; इन सीमाओं का निर्धारण बाद में किया जाएगा।
- भविष्य में मिसाइलों का इस्तेमाल केवल आत्मरक्षा के लिए ही किया जा सकेगा।
ईरान की शर्तें ट्रंप के लिए मानना क्यों असंभव है?
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने अमेरिकी सेना हटाने, युद्ध का हर्जाना, पूरे प्रतिबंध हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जैसी बड़ी मांगें रखीं हैं। ट्रंप इन मांगों को अव्यावहारिक (unrealistic) बता सकते हैं। अगर ये सब मान लिया गया तो अमेरिका की सुरक्षा और प्रभाव कमजोर हो जाएगा और मिडिल ईस्ट में रणनीतिक नुकसान होगा।
Advertisement
युद्ध की शुरुआत के बहुत पहले से अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम रोकना रहा है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (nuclear enrichment) बंद करे। परमाणु क्षमता खत्म करे। बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम सीमित करे। ऐसे में ईरान की मांगें उनकी मांगों से एकदम विपरीत है।
इसके अलावा, अमेरिका को लगता है युद्ध में उसे बढ़त है। कुछ विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और उसके सहयोगी मानते हैं कि सैन्य दबाव बनाकर बेहतर डील मिल सकती है, इसलिए वे अभी समझौते में जल्दबाजी नहीं करना चाहेंगे। पहले भी ट्रंप ने कहा था कि ईरान को “unconditional surrender” करना चाहिए। इसलिए वे नरम शर्तों पर शांति के पक्ष में नहीं हैं।
Advertisement
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 25 March 2026 at 23:22 IST