अपडेटेड 25 March 2026 at 19:59 IST

'भारत दलाल देश नहीं बन सकता', ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता के सवाल पर जयशंकर का दो टूक जवाब

US-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता के बारे में पूछे जाने पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर ने कहा, "हम दलाल देश नहीं बन सकते।"

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EAM Jaishankar
EAM Jaishankar | Image: ANI

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर हुई सर्वदलीय बैठक में पाकिस्तान की मध्यस्थता के सवाल पर कहा कि ये तो 1981 से चल रहा है। अमेरिका ने सालों से पाकिस्तान को ईरान के साथ बातचीत में लगा रखा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीति में भारत "दलाल राष्ट्र" की तरह काम नहीं कर सकता।

आपको बता दें कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक बुधवार को संसद में हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

इससे पहले 1 घंटे 40 मिनट तक चली सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने देश को एक और आश्वासन दिया। सरकार ने कहा है कि भारत को इस समय ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।

पाकिस्तान दौरे को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं

दूसरी तरफ, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी इस हफ्ते के आखिर में पाकिस्तान में एक मीटिंग का इंतजाम करने में लगे हैं, ताकि ईरान में चल रही जंग को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके। अभी की योजनाओं के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस देश का दौरा करेंगे, और शायद ट्रंप प्रशासन के कुछ और बड़े अधिकारी भी उनके साथ होंगे।

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वहीं, अधिकारियों ने आगाह किया कि इस संभावित दौरे का समय पक्का नहीं है; जगह और इसमें कौन-कौन शामिल होगा, यह भी अभी तय नहीं है। इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि बातचीत के लिए तुर्की भी एक संभावित जगह के तौर पर सामने आया है, क्योंकि कुछ अधिकारी पाकिस्तान दौरे को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जता रहे हैं।

पाकिस्तान के अलावा तुर्की ने भी मध्यस्थता का रखा प्रस्ताव

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही मौजूदा कूटनीति में पाकिस्तान ने एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। उसने वॉशिंगटन द्वारा सुझाया गया 15-सूत्रीय प्लान ईरान तक पहुंचाया है, जिसमें तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। लेकिन तुर्की ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 25 March 2026 at 19:43 IST