सीजफायर के बीच सऊदी अरब पर किसने किया भीषण हमला? 7,00,000 बैरल तेल बर्बाद... ईरान ने किया इनकार, अमेरिका-इजरायल पर फोड़ा ठीकरा

कुवैत ने ईरान और उसके सहयोगियों पर गुरुवार को ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है, जबकि ईरान युद्ध में दो हफ्ते का सीजफायर लागू है।

Saudi Arab Attacked
Saudi Arab Attacked | Image: AI Image/Republic

कुवैत ने ईरान और उसके सहयोगियों पर गुरुवार को ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है, जबकि ईरान युद्ध में दो हफ्ते का सीजफायर लागू है। वहीं, सऊदी अरब का कहना है कि हाल के हमलों से उसके देश की एक अहम पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है।

कुवैत के विदेश मंत्रालय का एक बयान, जिसे सरकारी समाचार एजेंसी KUNA ने जारी किया है, सीजफायर पर नया दबाव डालता है। यह बयान शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत से ठीक पहले आया है।

कुवैत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि ड्रोन हमलों ने गुरुवार रात कुवैत की कुछ अहम सुविधाओं को निशाना बनाया।

कच्चे तेल के निर्यात का एकमात्र जरिया है ये पाइपलाइन

सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टि की है कि उसके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों में, एक महत्वपूर्ण 'ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन' पर स्थित एक पंपिंग स्टेशन को भी निशाना बनाया गया था। यह पाइपलाइन इस समय देश के लिए कच्चे तेल के निर्यात का एकमात्र जरिया है, जिसके जरिए लाल सागर के टर्मिनलों तक तेल पहुंचाया जाता है; ऐसा इसलिए है क्योंकि तेहरान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को अवरुद्ध कर रखा है।

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सऊदी की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि इस हमले के कारण पाइपलाइन के जरिए पंप किए जाने वाले तेल की मात्रा में प्रतिदिन लगभग 700,000 बैरल की कमी आई है।

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ईरान ने जारी किया बयान

कुवैत की घोषणा के बाद, ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने एक बयान जारी किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा जारी इस बयान में IRGC ने गुरुवार को फारसी खाड़ी के देशों पर हमले करने के आरोप से इनकार किया है।

IRGC ने कहा, "अगर मीडिया में छपी ये रिपोर्टें सच हैं, तो इसमें कोई शक नहीं कि यह जायोनी दुश्मन या अमेरिका का काम है।"

हालांकि, IRGC ने युद्ध के दौरान आम नागरिकों को निशाना बनाकर भी कई हमले किए हैं। इसके अलावा, वह हमले करने के लिए इराक में मौजूद शिया मिलिशिया का भी इस्तेमाल कर सकता है, जिससे बातचीत से पहले ईरान को इन हमलों से पल्ला झाड़ने का मौका मिल जाएगा।

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Published By :
Kunal Verma
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