Iran Israel War: टूटने की कगार पर सीजफायर, पाकिस्तान में नहीं होगी शांति वार्ता, ईरान ने टीम भेजने से किया इनकार? क्या हैं शर्तें
पाकिस्तान में होने वाली सीजफायर वार्ता में ईरान ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार ईरान जाता है कि लेबनान में सीजफायर लागू हो और जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं हो जाता वह बातचीत नहीं करेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

मध्य पूर्व में 28 अप्रैल 2026 की शुरुआत में शुरू हुए इजरायल-अमेरिका और ईरान में युद्ध शुरू हुआ था। संघर्ष के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को दो हफ्ते का अस्थायी सीजफायर हुआ था। लेकिन यह सीजफायर शुरू होते ही टूटने की कगार पर पहुंच गया है।
लेबनान पर इजरायल के हमले, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर विवाद, ईरान के 10-पॉइंट प्लान की अस्वीकृति और शांति वार्ता की अनिश्चितता के कारण पूरा मामला जटिल हो गया है। ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली वार्ता के लिए अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को महत्वपूर्ण वार्ता होने वाली है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के इजरायल पर दिए गए तीखे बयान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। जिसके बाद इजरायल ने पाकिस्तान खूब लताड़ लगाई।
पाकिस्तान पर भरोसा नहीं
अब खबर है कि ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं रहा है। ईरानी मीडिया फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार पाकिस्तान में होने वाली सीजफायर डील में ईरान ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान ने कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं हो जाता वह बातचीत नहीं करेगा। दूसरी तरफ लेबनान पर इजरायल के हमले नहीं रुक रहे हैं।
Advertisement
पाक रक्षा मंत्री का विवादित बयान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को मानवता के लिए अभिशाप बताया था। उन्होंने कहा कि इजरायल ने गाजा, ईरान और अब लेबनान में निर्दोष नागरिकों पर नरसंहार किया है। आसिफ ने अपनी दुआ में कहा, "जिन लोगों ने इस देश को बनाया, वे नरक में जलें।"
इसके बाद इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक करार दिया और कहा कि यह इजरायल के अस्तित्व को चुनौती देने जैसा है। खासकर तब जब पाकिस्तान खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा है। इसके बाद ख्वाजा आसिफ को अपना X पोस्ट हटाना पड़ा।
Advertisement
कैसे हुआ था सीजफायर?
खबरों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए। इसमें ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज तुरंत खोलना था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल हो सके। ट्रंप ने इसे पाकिस्तानी नेताओं की अपील पर रोक लगाने का फैसला बताया। पाकिस्तान ने दावा किया कि यह सीजफायर लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लागू होगा।
लेकिन घोषणा के 24 घंटे के अंदर ही उल्लंघनों की खबरें आने लगीं। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका-इजरायल ने शर्तें तोड़ी हैं, जबकि अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इजरायल ने साफ कहा कि ईरान का सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता। अब ईरान कह रहा है कि सीजफायर लेबनान में भी लागू हो, लेकिन इजरायल पर सहमत नहीं है।