Vladimir Putin India Visit: पुतिन का विदेश दौरा शुरू होते ही पश्चिम मीडिया छेड़ देता है प्रोपगेंडा वार? इन अफवाहों की चर्चा
Vladimir Putin India Visit: भारत 4 और 5 दिसंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे की तैयारी कर रहा है। दिल्ली को एक किले में बदल दिया गया है, और अधिकारी पुतिन की सुरक्षा पक्का करने के लिए कड़े सिक्योरिटी उपाय कर रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Vladimir Putin India Visit: भारत 4 और 5 दिसंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे की तैयारी कर रहा है। दिल्ली को एक किले में बदल दिया गया है, और अधिकारी पुतिन की सुरक्षा पक्का करने के लिए कड़े सिक्योरिटी उपाय कर रहे हैं।
सिक्योरिटी इंतजाम संभालने के लिए कुछ दिन पहले रूस से एक स्पेशल प्रोटेक्शन टीम भी भेजी गई थी। टीम होटल, एयरपोर्ट, मीटिंग की जगह और उस पूरे रास्ते पर चुपके से नजर रख रही है, जिस पर राष्ट्रपति जा रहे होंगे। राष्ट्रपति की मौजूदगी में कौन कब कमरे में आता है, इस पर नजर रखने से लेकर आने-जाने वालों को मार्क करने तक, टीम सब कुछ कोरियोग्राफ कर रही है, जिसमें कुछ भी किस्मत पर नहीं छोड़ा जा रहा है।
आपको बता दें कि हर बार पुतिन के विदेश यात्रा से पहले उनको लेकर तरह-तरह की अफवाहें भी फैलाई जाती है। उनमें से कुछ बातें सच हो सकती हैं, लेकिन अधिकतर बातें अफवाह साबित होती हैं। इस आर्टिकल में हम उन्हीं चर्चाओं पर एक नजर डालेंगे, जो वेस्टर्न मीडिया अक्सर पुतिन के बारे में लिखती और बोलती है।
पुतिन के बारे में वेस्टर्न मीडिया क्या बताती है?
- वेस्टर्न मीडिया में पुतिन को 'हत्यारा' बताया जाता है जो अपने राजनीतिक विरोधियों की हत्या करा देते हैं।
- पुतिन जब रूसी जासूसी एजेंसी KGB में थे, तो आतंकियों का समर्थन करते थे।
- पुतिन, रूस को फिर से सोवियत संघ बनाना चाहते हैं।
- पुतिन विदेश यात्रा पर खुद नहीं जाते, बल्कि अपना बॉडी डबल भेजते हैं।
- पुतिन अपने विमान से ही न्यूक्लियर हमलों का कमांड दे सकते हैं।
- पुतिन न्यूक्लियर बम का इस्तेमाल करके वर्ल्ड वॉर-3 छेड़ना चाहते हैं।
आपको बता दें कि यूक्रेन युद्ध के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा होगा, जिससे यह मीटिंग पहले से ही एक अहम मीटिंग बन गई है; हालांकि, इस खास दौरे को और भी खास बनाने वाली बातें हैं डिफेंस, एनर्जी और स्पेस समेत कई सेक्टर में होने वाली सभी ट्रेड डील्स। इस साल की शुरुआत में तियानजिन में SCO समिट के बाद, यह अगली बार होगा जब दोनों नेता मिलेंगे। इस दौरे की अहमियत को देखते हुए, दोनों देशों की सिक्योरिटी एजेंसियों ने यह पक्का करने के लिए बहुत टाइट सिक्योरिटी प्रोटोकॉल प्लान किया है कि सब कुछ आसानी से हो जाए।