होर्मुज संकट के बीच ट्रंप और नेतन्याहू में ठन गई? अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीरिया-लेबनान से IDF सैनिकों को बुलाने के लिए कहा तो मिला दो टूक जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते फोन पर हुई बातचीत में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दक्षिणी सीरिया और लेबनान से इजरायली सैन्य टुकड़ियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते फोन पर हुई बातचीत में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दक्षिणी सीरिया और लेबनान से इजरायली सैन्य टुकड़ियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप ने चेतावनी दी कि सीरियाई इलाके में इजरायल की लगातार सैन्य मौजूदगी से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, "वे नहीं चाहते कि आप वहां रहें। आपको अपनी सेना को दूसरी जगह तैनात करना चाहिए।" अधिकारी ने आगे बताया कि ट्रंप ने दक्षिणी लेबनान में इजरायल की रणनीतिक सैन्य स्थिति के बारे में वही संदेश दिया। यह बातचीत तुर्की में NATO शिखर सम्मेलन के दौरान सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा के साथ ट्रंप की मुलाकात के एक दिन बाद हुई।
'राष्ट्रपति ट्रंप से बड़ा इजरायल का कोई दोस्त नहीं'
रिपोर्ट के अनुसार, शिखर सम्मेलन के दौरान, अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल और सीरिया के बीच एक नया सुरक्षा ढांचा बनाने की कोशिशें तेज कर दीं। व्हाइट हाउस ने टेलीफोन पर हुई बातचीत की खास डिटेल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन इस बात से इनकार भी नहीं किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया को बताया, "राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मजबूत संबंध हैं, और इजरायल हमेशा से अमेरिका का एक बड़ा सहयोगी रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप से बड़ा इजरायल का कोई दोस्त या शांति के लिए लड़ने वाला नहीं रहा है।"
खबरों के मुताबिक, नेतन्याहू ने ट्रंप की मांग का विरोध किया और कहा कि अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए इजरायल की रणनीतिक सैन्य मौजूदगी जरूरी है। एक आधिकारिक बयान में, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, "प्रधानमंत्री ने अपनी ओर से इजरायल की सीमाओं के साथ सुरक्षा जोन की जरूरत पर जोर दिया।" रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन कई महीनों से यरूशलेम और दमिश्क के बीच एक नए सुरक्षा समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वाशिंगटन दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद कब्जे में लिए गए सीरियाई इलाकों से इजरायली रक्षा बलों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की कोशिश कर रहा है।
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नेतन्याहू नहीं मान रहे ट्रंप की बात?
हालांकि, खबरों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि नेतन्याहू वाशिंगटन द्वारा मांगी गई रणनीतिक रियायतें देने में हिचकिचा रहे हैं। दक्षिणी सीरिया में हाल ही में हुई कई झड़पों के बाद यह मामला और भी जरूरी हो गया है, जहां स्थानीय लोगों ने इजरायली रक्षा बलों की मौजूदगी के खिलाफ प्रदर्शन किए और इजरायली कर्मियों के साथ सीधी झड़पें कीं। ये कूटनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहे हैं जब मंगलवार को रोम में इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका समर्थित बातचीत फिर से शुरू हुई।
अमेरिकी मध्यस्थों ने कुछ हफ्ते पहले जारी किए गए फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने पर चर्चा करने के लिए इजरायली और लेबनानी कूटनीतिक टीमों के साथ बातचीत की। समझौते के तहत, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में स्थित दो पायलट जोन से अपनी टुकड़ियों को हटाने का वादा किया, जिससे लेबनानी सशस्त्र बलों के लिए उन इलाकों में तैनात होने का रास्ता साफ हो गया। फिर भी, इजरायली रक्षा बलों ने अभी तक तय किए गए इलाकों से अपनी सेना को दूसरी जगह तैनात नहीं किया है।