'अगले हफ्ते पावर प्लांट और पुलों की बारी, सब कुछ तबाह कर देंगे...', डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, कहा- हमले तीन दिनों में और तेज होंगे
Donald Trump ने ईरान को अगले हफ्ते से सख्त सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि बिजलीघर और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि अगले तीन दिनों में अमेरिकी सेना ईरान पर कड़ा प्रहार करेगी। अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो अगले हफ्ते और भी भारी हमले होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ, तो अगले हफ्ते अमेरिका उसके पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा-
"अगले हफ्ते उनके लिए बहुत मुश्किल समय आने वाला है। अगले हफ्ते पावर प्लांट्स आएंगे… पुल आएंगे। हम उनके सभी पावर प्लांट्स को खत्म कर देंगे, हम उनके सभी पुलों को नष्ट कर देंगे, जब तक कि वे बैठकर बातचीत नहीं करते।"
क्यों बढ़ रहा है तनाव?
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर से बढ़ गया है। 2026 में पहले हुआ शांति समझौता टूट चुका है। अमेरिका ने पहले भी ईरान के परमाणु से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में गड़बड़ी के कारण दुनिया भर में तेल और ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की तरफ से बातचीत का दरवाजा अभी भी खुला है। लेकिन ईरान को अमेरिका की शर्तें माननी होंगी, वरना अगले हफ्ते से सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।
अमेरिका पिछले चार दिनों से ईरान के दक्षिणी इलाकों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास लगातार हमले कर रहा है। इन हमलों का मुख्य निशाना ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली, रडार, मिसाइल और ड्रोन ठिकाने हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान को इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने से रोकना चाहता है।
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ट्रंप की उच्च स्तरीय बैठक
ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक बड़ी बैठक बुलाई। इसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक में ईरान पर और व्यापक हमलों की संभावना पर चर्चा हुई।