ईरान युद्ध के बीच इजरायल ने सीरिया को भी लपेटा, हथियार डिपो और कमांड सेंटर पर ताबड़तोड़ बमबारी; क्या एक और जंग छिड़ेगी?
IDF ने आज बताया कि इजरायली सेना ने बीती रात दक्षिणी सीरिया में एक मिलिट्री कंपाउंड में मौजूद एक कमांड सेंटर और हथियारों को निशाना बनाया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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IDF ने आज बताया कि इजरायली सेना ने बीती रात दक्षिणी सीरिया में एक मिलिट्री कंपाउंड में मौजूद एक कमांड सेंटर और हथियारों को निशाना बनाया। यह कार्रवाई द्रूज नागरिकों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।
आपको बता दें कि द्रूज समुदाय एक अरब धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है, जो मुख्य रूप से दक्षिणी सीरिया में बसा हुआ है। 2024 के आखिर में बशर अल-असद को सत्ता से हटाए जाने के बाद से, यह समुदाय बढ़ती हिंसा का शिकार बन गया है।
रक्षा मंत्री ने क्या बताया?
इजरायल में भी द्रूज लोगों की एक बड़ी आबादी रहती है। रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने आज एक बयान में कहा, "हम सीरियाई शासन को ईरान और हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमारी लड़ाई का फायदा उठाकर द्रूज लोगों को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देंगे।"
ईरान का प्रवक्ता भी ढेर
इससे पहले इजरायल के साथ जारी जंग में ईरान को एक और बड़ा झटका लगा। टॉप कमांडर लारिजानी के बाद IDF ने IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नईनी को भी हमले में ढेर कर दिया। ईरान ने मोहम्मद नईनी की मौत की पुष्टि की है।
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ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नईनी अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में मारे गए हैं। नईनी 2024 से IRGC के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत थे। हालांकि इजरायल ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले इजरायल के पीएम नेतन्याहू से जब पत्रकारों ने ये सवाल किया कि अब दुनिया के कई देश ये आरोप लगा रहे हैं कि इजरायल ने अमेरिका को इस युद्ध में धकेल कर ट्रंप का बड़ा नुकसान किया है? इस सवाल के जवाब में नेतन्याहू ने कहा, हमने अमेरिका को युद्ध में नहीं धकेला। ट्रंप के साथ हमारा तालमेल बिल्कुल सही है, वो अपना फैसला खुद लेते हैं, उन पर कोई दवाब नहीं डाल सकता है। दुनिया को पता है कि ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप को भी जान से मारने की कोशिश की थी। ये देश पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ था।