दुनिया की बढ़ सकती है टेंशन... गैस-पेट्रोल की कीमत में लगेगी आग? ट्रंप के विरोध के बाद भी ईरान-ओमान बना रहा होर्मुज से ट्रांजिट फीस वसूली का प्लान
अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन के बार-बार विरोध के बावजूद ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन के बार-बार विरोध के बावजूद ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग रास्तों में से एक से दशकों से चली आ रही फ्री आवाजाही खत्म हो जाएगी।
आपको बता दें कि यह विचार अचानक नहीं आया है। इस साल की शुरुआत में, हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने इस जलडमरूमध्य से आवाजाही लगभग बंद कर दी थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल मच गई और कीमतें तेजी से बढ़ गईं। तब से, ईरानी अधिकारियों ने इस जलमार्ग को राजस्व का स्रोत बनाने की अपनी इच्छा को छिपाया नहीं है।
ओमान ने भी भेजा है प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान ने अमेरिका और अन्य पश्चिमी सरकारों को पहले ही एक लिखित प्रस्ताव भेजा है, जिसमें एक ऐसी प्रणाली की जानकारी है जिसके तहत शिपिंग कंपनियां इस जलडमरूमध्य का उपयोग करने के लिए शुल्क देंगी। अमेरिकी नीति से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने दस्तावेज देख लिया है और वे मस्कट के साथ सीधे अपनी आपत्तियां उठाने की योजना बना रहे हैं।
आगे चलकर होर्मुज पर किसका नियंत्रण होगा, यह सवाल व्यापक अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में सबसे मुश्किल मुद्दों में से एक बना हुआ है। क्षेत्र के एक राजनयिक का कहना है कि ओमान का प्रस्तावित मॉडल मोटे तौर पर मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य के संचालन के तरीके पर आधारित है, जहां एक निजी संस्था समुद्री सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए स्वैच्छिक दान इकट्ठा करती है, न कि सीधे जहाजों से शुल्क लेती है।
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ट्रंप ने बताया- अस्वीकार्य
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सोमवार को कहा कि तेहरान की प्राथमिकता अभी ओमान के साथ मिलकर जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर संयुक्त समझौते तक पहुंचना है। लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी, जिसकी जानकारी ईरानी सरकारी टीवी ने दी- अगर ओमान द्विपक्षीय समझौते पर सहयोग नहीं करता है, तो ईरान खुद कदम उठाएगा।
ओमान लंबे समय से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांतिदूत की भूमिका निभाता रहा है और तनाव बढ़ने के बावजूद तटस्थ रहने की कोशिश करता रहा है। यह संतुलन बनाए रखने का काम मई में और मुश्किल हो गया, जब ऐसी खबरें आईं कि ओमान ईरान के साथ टोल-शेयरिंग के समझौते पर विचार कर रहा है, जिससे नाराज होकर ट्रंप ने ओमान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दी कि अगर वह "बाकी सभी देशों की तरह व्यवहार नहीं करता है" तो ऐसा किया जाएगा।
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पिछले ही हफ्ते, उन्होंने होर्मुज से गुजरने के लिए फीस लेने के पूरे विचार को ही अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया। यह अभी भी साफ नहीं है कि क्या उनका प्रशासन स्वैच्छिक फीस ढांचे को भी स्वीकार करेगा या नहीं।