दिल्ली-UP को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए केंद्र ने मंजूर किए 14,115 करोड़, दो हाईवे प्रोजेक्ट्स को मिली कैबिनेट की हरी झंडी; क्या होगा रूट?

दिल्ली के ट्रैफिक जाम को कम करने और यूपी के बुंदेलखंड को दिल्ली तक सीधी कनेक्टिविटी देने के लिए केंद्र ने एक बड़ी और अहम परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस बारे में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद जानकारी है, जानें दिल्ली और यूपी वालों के लिए क्यों खास है ये परियोजना, पढ़ें पूरी खबर

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Delhi-UP Tunnel Project
बदलेगी दिल्ली-UP की सूरत, द्वारका टनल और कानपुर-कबरई हाईवे को मंजूरी | Image: ANI/ ai

Delhi-UP Tunnel Project: केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए 2 बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। टोटल 14,115 करोड़ रुपये की इस परियोजना के बारे में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दे ही। ये फैसला दिल्ली के बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने और यूपी के बुंदेलखंड को बेहतर कनेक्टिविटी देने में बड़ा कदम साबित होगा। 

दिल्ली को ट्रैफिक से मिलेगी राहत

ये दोनों ही प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। इसके तहत दिल्ली में 8.1 किलोमीटर लंबी 6-लेन की अंडरग्राउंड द्वारका टनल बनेगी। शुरुआती जानकारी में इसकी अनुमानित लागत 6,969.67 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ये टनल द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी। इससे शिव मूर्ति इंटरचेंज, वसंत कुंज और डीएनडी फ्लाईवे के बीच सीधा रास्ता तैयार होगा।  

सबसे खास बात यह है कि टनल दिल्ली के रिज एरिया के नीचे से गुजरेगी। इससे ऊपर के जंगलों और हरियाली को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। केंद्रीय मंत्री ने इसे पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट बताया। इस टनल को 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।  

कानपुर-कबरई हाईवे से यूपी को मिलेगी रफ्तार

वहीं, दूसरी परियोजना में कानपुर-कबरई सेक्शन का एक्सप्रेसवे जैसा हाईवे है। इसकी लागत 7,145.14 करोड़ रुपये है, ये पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा और कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगा। आगे चलकर ये भोपाल तक कनेक्टिविटी देगा। जिससे हाईवे के बनने से कानपुर से कबरई का सफर समय साढ़े तीन घंटे से घटकर डेढ़ घंटा रह जाएगा। इसे अगले ढाई साल में बीओटी मॉडल पर पूरा करने का प्लान है।

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दिल्ली और यूपी में रोजगार के अवसर मिलेंगे

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में यूपी डिफेंस कॉरिडोर के साथ नया हाईवे रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देगा। इससे इलाके में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। ऐसे प्रोजेक्ट आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास का आधार भी तैयार करते हैं। यानी कहा जा सकता है कि जल्द ही दिल्ली के लोग ट्रैफिक जाम से राहत महसूस करेंगे और उत्तर प्रदेश के लोग दिल्ली तक तेज और सुरक्षित यात्रा का मजा ले सकेंगे। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड