शर्मिंदा हो गया पाकिस्तान! ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद उसकी पत्नियों के साथ क्या हुआ? जरदारी के प्रवक्ता ने खोल दी पोल
अमेरिकी नेवी सील्स ने 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में बड़ी कार्रवाई की। अल-कायदा के सरगना और 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी नेवी सील्स ने 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में बड़ी कार्रवाई की। अल-कायदा के सरगना और 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया। इसके बाद तो पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान बेनकाब हो गया।
सवाल उठने लगे कि पाकिस्तान की सैन्य छावनी के पास ओसामा बिन लादेन कैसे इतने सालों से छिपा था? ये भी साफ हो गया कि पाकिस्तान आतंकियों को कैसे पनाह देता है, और दुनिया के सामने खुद को बेगुनाह साबित करने में लगा रहता है। इस दौरान ये भी सवाल उठे कि उसकी मौत के बाद उसकी पत्नियों का क्या हुआ?
आपको बता दें कि The Zardari Presidency: Now It Must Be Told किताब में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के प्रवक्ता रह चुके फरहतुल्लाह बाबर ने बड़े खुलासे किए हैं।
पाकिस्तान ने ओसामा की पत्नियों के साथ क्या किया?
किताब में लिखा गया है कि ओसामा की मौत के बाद उसकी पत्नियों को कस्टडी में लिया गया। पाकिस्तानी जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद जो हुआ, वो पाकिस्तान सरकार ने भी नहीं सोचा था। CIA की एक टीम ने एबटाबाद कैंटोनमेंट पहुंचने के बाद पाकिस्तानी सरकार और सेना को पूरी तरह से जांच से बाहर कर दिया। उन्होंने ओसामा की पत्नियों से सवाल किए। किताब में लिखा गया कि पाकिस्तानी एजेंसियों और सेना ने ही अमेरिकी एजेंट्स को घुसने का रास्ता दिया था।
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पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी का वक्त
बाबर ने किताब में इस काल को पाकिस्तान की नाकामी और शर्मिंदगी का वक्त बताया। उन्होंने लिखा कि उस वक्त पाकिस्तान की स्थिति राष्ट्रीय अपमान जैसी थी। अमेरिकी एजेंसियां खुलकर पाकिस्तान में काम कर रही थी और उन्होंने पाकिस्तानी सरकार और सेना को पूरी तरह से अपने दबाव के सामने झुकने पर मजबूर कर दिया था। इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और सीनेटर जॉन कैरी भी पाकिस्तान पहुंचे।
किताब में बाबर ने खुलासा किया कि अमेरिकी एजेंसियों के पास ओसामा के ठिकाने की पूरी जानकारी दी। इतना ही नहीं, एबटाबाद वाला मकान जिस कॉन्ट्रैक्टर ने बनाया था, सीआईए को उसके बारे में भी सब पता था। पाकिस्तान चाहता था कि अमेरिका ये गारंटी दे कि दोबारा ऐसे एकतरफा हमले नहीं होंगे, लेकिन अमेरिका ने ऐसी कोई गारंटी देने से साफ इनकार कर दिया था।