ईरान के खिलाफ जंग में उतरा पाकिस्तान? सीजफायर के बीच सऊदी अरब में तैनात हुई मुनीर की सेना, बातचीत फेल होते ही...
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच हुए एक रक्षा समझौते के तहत, लड़ाकू और सहायक विमानों सहित पाकिस्तानी सेना शनिवार को एक सऊदी एयरबेस पर पहुंची।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच हुए एक रक्षा समझौते के तहत, लड़ाकू और सहायक विमानों सहित पाकिस्तानी सेना शनिवार को एक सऊदी एयरबेस पर पहुंची। मंत्रालय ने कहा कि इन सैनिकों को किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर तैनात किया गया है, जिस पर ईरान युद्ध के दौरान ड्रोन और मिसाइलों से बार-बार हमले किए गए थे।
मंत्रालय ने कहा कि इस तैनाती का उद्देश्य "संयुक्त सैन्य समन्वय को बढ़ाना और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर सुरक्षा और स्थिरता को समर्थन देना" है। सितंबर में हस्ताक्षरित इस समझौते के अनुसार, दोनों में से किसी भी देश पर होने वाले किसी भी हमले को दोनों देशों पर हुआ हमला माना जाएगा।
सऊदी अरब में क्यों तैनात हुई पाकिस्तानी सेना?
मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि आने वाली पाकिस्तानी सेना में पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमान और सहायक प्रणालियां शामिल हैं।
यह कदम 17 सितंबर को महामहिम क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा हस्ताक्षरित ऐतिहासिक समझौते के कार्यान्वयन के रूप में भी सामने आया है। यह समझौता स्पष्ट रूप से यह निर्धारित करता है कि "किसी भी एक देश पर किया गया हमला दोनों देशों पर किया गया हमला माना जाएगा," जिससे किसी भी बाहरी खतरे के विरुद्ध संयुक्त प्रतिरोध की अवधारणा को और अधिक बल मिलता है।
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पाकिस्तानी पीएम से मिले जेडी वेंस
व्हाइट हाउस और पाकिस्तान, दोनों ने शनिवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई मुलाकात का ऐलान किया। वेंस के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी मौजूद थे।
शरीफ के ऑफिस ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों को टिकाऊ शांति की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए अपनी मध्यस्थता की कोशिशें जारी रखने को लेकर उत्सुक है।