चीन ने कर दिया 'खेला'! सीजफायर के बीच सीक्रेट रास्ते से ईरान को भेजेगा 'ब्रह्मास्त्र', आसमान में ही राख हो जाएंगे अमेरिकी विमान; बड़ा खुलासा

अमेरिकी मीडिया ने शुक्रवार देर रात अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, चीन अगले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है।

China calls for ceasefire between Afghanistan, Pakistan
China | Image: X

अमेरिकी मीडिया ने शुक्रवार देर रात अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, चीन अगले कुछ हफ्तों में ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADs) देने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी मीडिया ने यह जानकारी हालिया खुफिया आकलन से परिचित तीन लोगों के हवाले से दी है।

नेटवर्क ने बताया कि ऐसे संकेत मिले हैं कि बीजिंग इन खेपों को तीसरे देशों के रास्ते भेजने की कोशिश कर रहा है, ताकि इनके मूल स्रोत को छिपाया जा सके। अमेरिकी विदेश विभाग, व्हाइट हाउस और वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के अनुरोधों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।

भड़केगा युद्ध?

चीन द्वारा हथियार भेजने की तैयारी एक बहुत ही संवेदनशील समय पर हो रही है। अमेरिकी खुफिया जानकारी चीनी बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर होने वाली लॉजिस्टिक गतिविधियों की निगरानी पर आधारित है। ये तैयारियां मध्य पूर्व में नाजुक युद्धविराम को स्थिर करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ ही हो रही हैं। जानकारों का मानना ​​है कि यह सैन्य सहायता इस क्षेत्र में शक्ति-संतुलन को बदल सकती है। अगर सैन्य अभियान फिर से शुरू होते हैं, तो इससे तनाव में और भी वृद्धि हो सकती है। खुफिया एजेंसियां इस खेप के रास्ते पर तब तक नजर रखने की तैयारी कर रही हैं, जब तक कि यह ईरानी क्षेत्र में पहुंच नहीं जाती।

पाकिस्तान में सीजफायर डील

इस बीच ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ का कहना है कि अगर पाकिस्तान में बातचीत के दौरान अमेरिका "इजरायल फर्स्ट" के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करता है, तो उसके साथ कोई समझौता नहीं होगा।

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मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा, "अगर हम इस्लामाबाद में 'अमेरिका फर्स्ट' के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करते हैं, तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता होने की संभावना है। लेकिन, अगर हमारा सामना 'इजरायल फर्स्ट' के प्रतिनिधियों से होता है, तो कोई समझौता नहीं होगा; हम निश्चित रूप से अपनी रक्षा पहले से भी ज्यादा जोर-शोर से जारी रखेंगे, और दुनिया को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

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Published By :
Kunal Verma
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