ट्रंप के साथ गलबहियां मुनीर को पड़ेगी भारी, शहबाज ने कर दिया बड़ा गेम... ना CDF बने, ना सेना प्रमुख रहे; जानिए कहां फंसा पेंच
27वें संविधान संशोधन ने पाकिस्तान के मिलिट्री स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल कर रख दिया था। इसने एक नेशनल स्ट्रैटजिक कमांड यानी एक ऐसे आर्मी-लेड बॉडी की नींव रखी, जिसे न्यूक्लियर वेपन संभालने की जिम्मेदारी मिल गई।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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पाकिस्तान में आसिम मुनीर के लिए उधेड़बुन जैसी स्थिति बन गई है। नवंबर में आर्मी चीफ का कार्यकाल खत्म होने के बाद पाकिस्तान सरकार ने अब तक इस कार्यकाल की अवधि बढ़ाने को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के संविधान में संशोधन के बाद आसिम मुनीर को CDF में प्रमोट किया गया था। आपको बता दें कि 27वें संविधान संशोधन ने पाकिस्तान के मिलिट्री स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल कर रख दिया था। इसने एक नेशनल स्ट्रैटजिक कमांड यानी एक ऐसे आर्मी-लेड बॉडी की नींव रखी, जिसे न्यूक्लियर वेपन संभालने की जिम्मेदारी मिल गई। इसका मतलब था कि अब शहबाज के हाथ में कुछ नहीं रह गया था, बल्कि अब सत्ता को आसिम मुनीर अपनी मर्जी के अनुसार कंट्रोल कर सकते थे।
कहां फंसा पेंच?
असल में, जनरल मुनीर के 27 नवंबर को चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के पिछले पद के खत्म होने के बाद CDF का पद संभालने की उम्मीद थी। आर्मी चीफ के तौर पर उनका अपना असली कार्यकाल उसी दिन खत्म हो गया था, हालांकि पिछले साल सर्विस पीरियड बढ़ाने वाले कानून ने उनके बने रहने को पक्का कर दिया है। हालांकि, बदले हुए संविधान के तहत एक नया नोटिफिकेशन जरूरी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शहबाज शरीफ ने अभी तक उनके प्रमोशन वाले कागजात पर साइन नहीं किए हैं या उसके लिए कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा आर्मी चीफ के कार्यकाल को बढ़ाने वाला नोटिफिकेशन भी अभी लटका हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या शहबाज शरीफ इस कन्फर्मेंशन को इस वजह से टाल रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि आसिम मुनीर CDF का पद संभालते ही सबसे पहले उन्हें अपना गुलाम बनाएंगे या उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देंगे।
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पाकिस्तानी नेताओं ने क्या कहा?
गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के नोटिफिकेशन में देरी के बारे में लग रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “इन लोगों को कुछ और दिन अटकलें लगाने दें। संविधान में बदलाव किए गए हैं, और एक नई संस्था बनाई जा रही है। अफवाह फैलाने वाले मानते हैं कि ऐसी चीजें बस एक बटन दबाकर की जा सकती हैं। जब कोई नया सिस्टम बनता है, तो उसमें समय लगता है।
इसी तरह के एक बयान में, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को CDF की नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन के बारे में लग रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि घोषणा सही समय पर की जाएगी। आसिफ ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “CDF नोटिफिकेशन के बारे में गैर-जरूरी और गैर-जिम्मेदाराना अटकलें लगाई जा रही हैं। कृपया सूचित किया जाए कि प्रोसेस शुरू हो गया है। PM जल्द ही लौट रहे हैं।”