'एक तरह का पागलपन...', ईरान ने अमेरिका और इजरायल के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने की खाई कसम, क्या ट्रंप नए हमले की कर रहे प्लानिंग?
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है, तो वह पूरे इलाके में इजरायल के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिका के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है, तो वह पूरे इलाके में इजरायल के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और अमेरिका के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह चेतावनी तब आई है जब ऐसी खबरें हैं कि वॉशिंगटन और तेल अवीव मिलकर ईरान के खिलाफ नए मिलिट्री ऑपरेशन की योजना बना रहे हैं।
ईरान के एक सीनियर सिक्योरिटी अधिकारी ने शुक्रवार को तस्नीम न्यूज एजेंसी को बताया कि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित हमलों के बारे में पश्चिमी मीडिया की खबरें एक तरह का पागलपन हैं।
उकसावे की स्थिति में ईरान...
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की व्यापक योजनाएं बनाई हैं, जिनमें इजरायल में अहम ठिकानों और पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका के एनर्जी एसेट्स पर हमले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उकसावे की स्थिति में ईरान इन कदमों को उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरानी अधिकारी ने आगे कहा कि देश की सेना ने 40 दिन के युद्ध और उसके बाद की लड़ाइयों के दौरान ऐसे ऑपरेशन करने की अपनी क्षमता और संकल्प को साबित किया है।
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यह चेतावनी संभावित मिलिट्री तनाव को लेकर बढ़ती अटकलों के बीच आई है, क्योंकि ऐसी खबरें थीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी ठिकानों पर नए हमलों की तैयारी का आदेश दिया था।
'भारी मिलिट्री कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा'
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने नए हमलों का निर्देश दिया है, जो इसी वीकेंड शुरू हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर वह बातचीत में वापस नहीं आता है, तो उसे भारी मिलिट्री कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
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शुक्रवार को कैंप डेविड में कैबिनेट मीटिंग को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्द होने वाले ऑपरेशन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन पर बहुत जोरदार हमला करेगा और भरोसा जताया कि ईरान आखिरकार उस स्थिति में पहुंच जाएगा जहां वह इसे और बर्दाश्त नहीं कर पाएगा।
बयानबाजी में तेजी वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती है। इससे चिंता बढ़ रही है कि आगे होने वाली मिलिट्री कार्रवाई से पूरे इलाके में बड़ा संघर्ष छिड़ सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में अहम एनर्जी एसेट्स और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ सकता है।