VIDEO: 'पुरुषों की हत्या कैसे करें, मारकर कैसे बचें...', मेट्रो में ये किताब पढ़ रही थी लड़की; वायरल होने पर लोग बोले- 'मर्द समाज में खौफ'
मेट्रो में सफर कर रही एक लड़की का वीडियो वायरल हो गया। वजह थी उसके हाथ में मौजूद एक किताब, जिसका नाम था "How To Kill Men"।
- वायरल न्यूज़
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सोशल मीडिया पर कभी-कभी इतनी छोटी सी बात इतना बड़ा तूफान खड़ा कर देती है कि समझ नहीं आता हंसें या सिर पकड़ लें। ऐसा ही कुछ हुआ जब मेट्रो में सफर कर रही एक लड़की का वीडियो वायरल हो गया। वजह थी उसके हाथ में मौजूद एक किताब, जिसका नाम था "How To Kill Men"।
बस टाइटल पढ़ते ही लोगों का दिमाग घूम गया और कमेंट सेक्शन में मानो जंग छिड़ गई। अब जरा सोचिए, अगर आपको किसी अनजान के हाथ में ऐसी किताब दिख जाए तो पहली प्रतिक्रिया क्या होगी? यही न कि "अरे ये तो सीधे-सीधे मर्दों को मारने की गाइड लग रही है!" इंटरनेट पर भी बिल्कुल यही हुआ। लेकिन असल कहानी टाइटल जितनी सनसनीखेज नहीं है, जितना लोग समझ बैठे।
ये है मामला
वायरल फुटेज में लड़की बड़े आराम से किताब के पन्ने पलटती नजर आती है, जबकि आसपास बैठे बाकी यात्री अपनी दुनिया में मशगूल हैं। गौर से देखने पर पता चलता है कि उसने किताब सिर्फ खोली भर है, ध्यान असल में बगल में बैठी दूसरी पैसेंजर के फोन स्क्रीन पर टिका हुआ है। यही बात कुछ यूजर्स ने पकड़ी और दावा किया कि शायद यह वीडियो सिर्फ ट्रेंड में बने रहने के लिए बनाई गई हो।
टाइमिंग भी संयोग से मैच कर गई। ठीक इसी दौर में केतन मर्डर केस को लेकर इंटरनेट पहले से गरमाया हुआ है। 18 जून को कथित तौर पर लोहागढ़ किले में सिया ने अपने होने वाले मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का दे दिया था, और यह मामला पहले से ही लड़कों की सेफ्टी जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ चुका है। ऐसे माहौल में जब यह किताब वाला वीडियो सामने आया, तो लोगों को एक और बहस का मसाला मिल गया, और कई यूजर्स ने फिर से पुरुषों की सुरक्षा को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग उठानी शुरू कर दी।
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किस बारे में है ये किताब?
इस किताब को लिखा है केटी ब्रेंट ने। टाइटल भले चौंकाने वाला हो, लेकिन इसका मकसद किसी को हिंसा के लिए उकसाना बिल्कुल नहीं है। यह एक डार्क कॉमेडी थ्रिलर है, जिसमें एक काल्पनिक कहानी के जरिए महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और हिंसा पर तीखा व्यंग्य किया गया है। समाज में महिलाओं के साथ जो बर्ताव होता है, किताब उसी पर एक तीखा, आईना दिखाने वाला कटाक्ष है, न कि कोई हिंसा भड़काने वाला मैनुअल।
फिर भी, कमेंट सेक्शन दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आता है। एक तबका पूछ रहा है कि आखिर इतनी भड़काऊ किताब पढ़ने का मतलब क्या है, तो दूसरा तबका, जिसने किताब सच में पढ़ी है, बार-बार यही समझाने की कोशिश कर रहा है कि यह महज एक फिक्शनल नॉवेल है, और इसे ब्रेकिंग न्यूज बना देने से पहले शायद एक बार खुद पढ़ना ज्यादा समझदारी होगी।