अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, CM धामी ने की CBI जांच की सिफारिश

अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड सरकार की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है। CM पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की सिफारिश की है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
3 Accused Get Life Sentence in Ankita Bhandari murder case
Ankita Bhandari murder case | Image: X, Republic

अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड सरकार की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है। CM पुष्कर सिंह धामी ने CBI जांच की सिफारिश की है।

इससे पहले उत्तराखंड के कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

पिछले दिनों अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने CM के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि बेटी की हत्या के बाद से ही परिवार लगातार सीबीआई जांच की मांग करता आ रहा है। उन्होंने कहा था कि जब तक पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक परिवार को न्याय की उम्मीद नहीं है। आपको बता दें कि अंकिता भंडारी केस में सोशल मीडिया पर उर्मिला सनावर के कई तरह के दावों के बाद से उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मची हुई है। 

क्या बोले CM धामी?

2022 अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "...हमने सोचा कि उसके माता-पिता सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और हमें निश्चित रूप से उनकी बात सुननी चाहिए। मैंने उनसे बात की, और उन्होंने कहा कि CBI जांच होनी चाहिए। इसका सम्मान करते हुए, हम इस मामले में CBI जांच की सिफारिश कर रहे हैं।"

Advertisement

क्या है अंकिता भंडारी केस?

अंकिता भंडारी ने 28 अगस्त 2022 को एक ऑनलाइन विज्ञापन देखकर वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी ज्वॉइन की थी। लेकिन कुछ ही समय में वह वहां चल रहे गैरकानूनी गतिविधियों को समझ गई थी। यही कारण था कि नौकरी ज्वॉइन करने के महज तीन हफ्ते बाद ही वह दूसरी नौकरी की तलाश में निकल पड़ी थी।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, चौंकाने वाले खुलासे सामने आते गए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, किसी बात को लेकर अंकिता और रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य के बीच तीखा विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद पुलकित ने अपने साथियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता की हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को 23 सितंबर 2022 को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपराध कबूल करते हुए हत्या की बात स्वीकार की। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, भाजपा के तत्कालीन नेता विनोद आर्य का बेटा है। जैसे ही मामला सामने आया और पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ी, पार्टी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विनोद आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस घटना के बाद लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया था। देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और सड़कों पर न्याय की मांग को लेकर लोग उतर आए। 

Advertisement

ये भी पढ़ेंः 'अमेरिका का हाथ 1000 ईरानियों के खून से रंगा', खामेनेई की खुली चेतावनी

Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड