बहराइच में आदमखोर भेड़िए ने फिर बनाया शिकार, बुजुर्ग और एक लड़की घायल; वन विभाग की टीम मुस्तैद
बहराइच में आदमखोर भेड़िए का खौफ अभी थमा नहीं है। बीती रात महसी इलाके में भेड़िए के हमले की दो घटनाएं सामने आई हैं।
- भारत
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Bahraich Wolves Attack: बहराइच में आदमखोर भेड़िए का खौफ अभी थमा नहीं है। बीती रात महसी इलाके में भेड़िए के हमले की दो घटनाएं सामने आई हैं, इन हमलों में 70 साल के बुजुर्ग श्यामलाल और एक युवती संगीता गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। दोनों का इलाज फिलहाल बहराइच मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
बहराइच में पांचवा आदमखोर भेड़िया अब वन विभाग के पिंजरे में कैद हो चुका है , दो लोगों पर भेड़िए के इस हमले को लेकर लोगों में डर बना हुआ है। जिसमें टेप्रा गांव के रहने वाले 70 साल के बुजुर्ग श्यामलाल पर रात को लगभग 3 बजे भेड़िए ने हमला कर दिया, हालांकि शोर सुनकर दौड़े परिजनों को देख कर भेड़िया भाग गया, लेकिन बुजुर्ग श्यामलाल बुरी तरह घायल हो गए।
भेड़िए ने युवती को बनाया अपना शिकार
दूसरी घटना उसी इलाके के दंगल पूर्वा की है जहां पर भेड़िए ने रात को एक युवती संगीता को भी निशाना बनाया है और उसे बुरी तरह घायल कर दिया है। फिलहाल भेड़िया के हमले में घायल बुजुर्ग और युवती का बहराइच मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है। वहीं भेड़िए की घटना पर डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप सिंह ने बताया की दो लोगों पर हमले की जानकारी मिली है लेकिन भेड़िए की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
खूंखार आदमखोर भेड़िया पकड़ा गया
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वन विभाग को एक और बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीम ने एक खूंखार आदमखोर भेड़िए को पकड़ लिया है। यह भेड़िया पांचवां है जिसे पकड़ा गया है और इसे बेहद हिंसक बताया जा रहा है। भेड़िए के मुंह पर ताजा खून के निशान मिले हैं और वह लगातार पिंजरे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। उसकी आक्रामकता साफ नजर आ रही थी, जैसे वह शिकार करने को बेताब हो।
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40 गावों में फैला है भेड़ियों का आतंक
महसी इलाके के 40 गांवों में भेड़ियों का आतंक फैला हुआ है। अब तक इन भेड़ियों ने नौ बच्चों सहित दस लोगों की जान ले ली है। मंगलवार की सुबह वन विभाग की टीम ने एक और मादा भेड़िए को घेराबंदी कर पकड़ लिया, जबकि नर भेड़िया फिर से भागने में सफल रहा।
पांच भेड़ियों को पकड़ा जा चुका
मुख्य वन संरक्षक रेणू सिंह ने बताया कि प्रभावित गांवों में लगातार कॉम्बिंग की जा रही है और वह खुद कैंप कर रही हैं। भेड़ियों के पकड़े जाने से गांववालों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन फिर भी उनमें डर कायम है। प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि अब तक पांच भेड़ियों को पकड़ा जा चुका है और बाकी भेड़ियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।