रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की चौथी महिला CM, देश के कई राज्यों में अब तक कितनी महिलाओं ने संभाली सीएम की कमान, देखिए पूरी List
दिल्ली ही नहीं, बल्कि देशभर में अब तक कई महिलाओं ने राज्यों की कमान संभाली है। कुछ का का कार्यकाल काफी ऐतिहासिक भी रहा, जानते हैं महिला मुख्यमंत्रियों के नाम।
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Female CM List : 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने वाली बीजेपी ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में रेखा गुप्ता को अपना नेता चुन लिया है। उनके नाम पर मुहर लगते ही कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लगा और शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगी, स्टूडेंट राजनीति से अपनी यात्रा शुरू कर शीर्ष पद तक पहुंचने वाली रेखा दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री बन गई हैं। उनसे पहले राजधानी दिल्ली में सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी इस पद को संभाल चुकी हैं।
दिल्ली ही नहीं, बल्कि देशभर में अब तक कई महिलाओं ने राज्यों की कमान संभाली है। कुछ का कार्यकाल ऐतिहासिक रहा, तो कुछ का कार्यकाल आधा ही रह गया। लेकिन इन सभी महिलाओं ने राजनीति में अपनी अलग छाप छोड़ी। आइए जानते हैं अब तक देश में कितनी महिला मुख्यमंत्री बनीं और किसने कितने समय तक शासन किया।
भारत में महिला मुख्यमंत्री
भारत में अब तक कई प्रभावशाली महिलाओं ने विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री पद संभाला है। इन महिलाओं में सुचेता कृपलानी स्वतंत्र भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थी। इस लिस्ट में सुचेता कृपलानी मायावती, जयललिता से लेकर ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री) तक का नाम शामिल हैं। इनके अलावा, शीला दीक्षित, जैसी प्रमुख महिलाओं ने भी अपने-अपने राज्यों में लंबे समय तक नेतृत्व किया है।
देश में अब तक की महिला मुख्यमंत्री
यहां उन महिला नेताओं की लिस्ट दी गई है जिन्होंने भारत के अलग अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया :-
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शीला दीक्षित के नाम सबसे लंबा कार्यकाल
देश में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाली महिला शीला दीक्षित रही हैं। उन्होंने 15 साल और 25 दिन तक दिल्ली की सत्ता संभाली। उनके बाद जयललिता (14 साल, 124 दिन) और ममता बनर्जी (13 साल, 275 दिन) का नाम आता है। रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही दिल्ली एक बार फिर महिला नेतृत्व के हाथों में आ गई है। देखना दिलचस्प होगा कि उनका कार्यकाल कैसा रहता है और वह राजधानी की राजनीति में क्या नया करती हैं।