VIDEO: 'घर से बाहर रातें बिता रहीं नाबालिग लड़कियां, शादी करने में देर करती हैं, इसलिए रेप होता है', मौलाना साजिद रशीदी का 'घिनौना' बयान

मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने यह दावा करके एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि देश में रेप की बढ़ती घटनाओं के पीछे लड़कियों की शादी में देरी एक वजह है।

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'Late Marriage of Girls Causes Rape': Maulana Rashidi's Shocking Statement Sparks Massive Row, Demands Sharia Law in India
Maulana Rashidi | Image: ANI/Freepik

मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने यह दावा करके एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है कि देश में रेप की बढ़ती घटनाओं के पीछे लड़कियों की शादी में देरी एक वजह है। लोगों से बातचीत के दौरान, रशीदी ने भारत में इस्लामिक शरिया कानून लागू करने की भी मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि इसमें यौन अपराधों से निपटने के लिए सख्त प्रावधान हैं।

अपनी बात का बचाव करते हुए रशीदी ने कहा कि शादी में देरी से रेप के मामलों में बढ़ोतरी हुई है और परिवारों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की शादी कम उम्र में कर दें। उन्होंने कहा, "रेप इसलिए हो रहे हैं क्योंकि शादियों में देरी हो रही है। अगर आप अपनी बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो उनकी शादी जल्दी कर दें।"

उन्होंने आगे दावा किया कि शरिया कानून में रेप के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है और तर्क दिया कि भारत में भी ऐसे ही प्रावधान लागू किए जाने चाहिए। रशीदी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की हालिया टिप्पणी की भी आलोचना की और इसे गलत और असंवैधानिक बताया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की हालिया टिप्पणी पर जताई आपत्ति

उन्होंने कोर्ट की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई जिसमें कहा गया था कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' (POCSO) एक्ट के प्रावधानों के दायरे में आएगी। रशीदी के अनुसार, शरिया कानून और संविधान दोनों ही मुसलमानों को अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार निकाह और तलाक से जुड़े मामलों को तय करने की आजादी देते हैं।

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मौलाना ने आरोप लगाया कि भारत की कानूनी व्यवस्था अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने में नाकाम रही है। उन्होंने दावा किया कि 15 साल तक की लड़कियां रिश्तों में हैं और घर से बाहर रातें बिता रही हैं, जबकि कानून उनके खिलाफ कार्रवाई की इजाजत नहीं देता क्योंकि वे नाबालिग हैं।

मौजूदा कानूनी ढांचे को कमजोर कानूनी व्यवस्था बताते हुए उन्होंने तर्क दिया कि यौन अपराधों पर रोक लगाने के लिए शरिया पर आधारित सख्त कानून लाए जाने चाहिए।

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'संविधान के खिलाफ कुछ नहीं कहा': रशीदी

रशीदी ने यह आरोप लगाकर भी विवाद खड़ा कर दिया कि जो लोग संसद में बैठकर कानून बनाते हैं, वे खुद रेप करते हैं। हालिया रेप मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे दावा किया कि कुछ घटनाओं में हिंदुत्व से जुड़े लोगों पर आरोप लगे थे और टिप्पणी की कि उनमें एक भी अब्दुल शामिल नहीं था।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिकता को अपनाने की तुलना नग्नता से नहीं की जानी चाहिए। अपनी टिप्पणियों पर संभावित आलोचना का जवाब देते हुए रशीदी ने कहा कि उन्होंने संविधान के खिलाफ कुछ नहीं कहा है। उन्होंने इस्लामिक शरिया कानून लागू करने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह रेप जैसे अपराधों के खिलाफ ज्यादा मजबूत सुरक्षा देता है। साथ ही, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बयान संवैधानिक अधिकारों के दायरे में दिए गए थे।

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Published By:
 Kunal Verma
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