राजपाल यादव फिर जाएंगे जेल, चेक बाउंस मामले में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया तगड़ा झटका

चेक बाउंस केस में अभिनेता राजपाल यादव को बड़ा झटका लगा है। उन्‍हें एक बार फिर जेल जाना पड़ेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी कर दिया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Rajpal Yadav has been granted interim relief in cheque bounce case
Rajpal Yadav has been granted interim relief in cheque bounce case | Image: Instagram

चेक बाउंस केस में अभिनेता राजपाल यादव को बड़ा झटका लगा है। उन्‍हें एक बार फिर जेल जाना पड़ेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी कर दिया है। राजपाल यादव को सात मामलों में सजा सुनाई गई है। ऐसे में अब उन्हें एक बार फिर से जेल जाना होगा। हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें कई मौके दिए जा चुके हैं, जिसका उन्होंने पालन नहीं किया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने अभिनेता राजपाल यादव द्वारा निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए दोषसिद्धि को कायम रखा।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले के दौरान उनका आचरण संतोषजनक नहीं पाया गया और इसे संदिग्ध माना गया। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी का व्यवहार और मामले में अपनाया गया रवैया भरोसे के योग्य नहीं रहा।

क्या है पूरा मामला

राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। साल 2010 में इस फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके बाद वह तय समय पर कर्ज नहीं चुका सके। भुगतान के लिए जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ परक्राम्य लिखत अधिनियम , धारा 138 के तहत सात अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।

Advertisement

राजपाल यादव को छह महीने की सुनाई गई थी सजा

मई 2024 में सेशंस कोर्ट ने राजपाल यादव को एक चेक बाउंस मामले में दोषी करार दिया था और छह महीने की सजा सुनाई थी। दिल्ली हाई कोर्ट में जब राजपाल यादव के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि विवाद का समझौते से निपटारा कर लिया जाएगा तो सजा पर रोक लगा दी गई थी। मामले को मध्यस्थता केंद्र में भेजा गया था। हालांकि, अदालत ने पाया कि राजपाल यादव बार-बार वादा ही करते रहे, लेकिन वह भुगतान करने में नाकाम रहे। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने पाया कि राजपाल यादव ने 2.5 करोड़ रुपये की राशि किस्तों में भुगतान की बात कही थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

Advertisement

इसी साल फरवरी में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को जेल प्रशासन के सामने सरेंडर करने को कहा था, क्योंकि वह पूर्व के आदेशों का पालन नहीं कर पाए थे। उन्होंने सरेंडर करने के लिए और समय की मांग की थी लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद राजपाल यादव ने 5 फरवरी को जेल में सरेंडर किया। बाद में जब उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये जमा किए तो अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी थी। हालांकि, बाद में वह अपने वादों को पूरा नहीं कर पाए, जिसकी वजह से अब उन्हें 3 महीने के लिए जेल भेज दिया गया है।

इसे भी पढ़ें- दीवार के अंदर तिजोरी, घर के कोन-कोने में कैश; 13KG सोना और 9 किलो चांदी... पूर्व ARTO ने 68 लाख को कैसे बना दिए 35 करोड़? काली कुंडली ने खोला राज

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड