CJP प्रोटेस्ट के बीच NTA के अधिकारियों पर बड़ा एक्शन, पेपर लीक को लेकर परीक्षा संचालन से जुड़े 47 अफसर बर्खास्त

परीक्षा में बड़े सुधार लाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया है।

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NEET UG Re-exam Date, Dharmendra Pradhan Press Conference
Dharmendra Pradhan | Image: ANI

NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक और उसमें हुई गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे बड़े विरोध-प्रदर्शन के बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नौकरी से निकाले गए कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

पेपर लीक करने वालों के लिए सजा

इस बीच, केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक करने वालों के लिए सजा को और कड़ा करने वाले एक बिल को मंजूरी दे दी है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के एक दिन बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने बताया था कि प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट उन्हें सौंप दिया गया है और कैबिनेट इस पर विचार करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' में संशोधन को मंजूरी दी है। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के अगले हफ्ते संसद में यह संशोधन बिल पेश करने की संभावना है।

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

आपको बता दें कि यह कदम 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच उठाया गया है, जो अब दिल्ली से फैलकर बिहार, मुंबई और गुजरात जैसे राज्यों तक पहुंच गया है।

CJP 6 जून से जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए है और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस आंदोलन को तब और ज्यादा ध्यान मिला जब मशहूर पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने इसे समर्थन दिया और विरोध स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठ गए।

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इससे पहले, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने जोर देकर कहा था कि "जब तक PM मोदी धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं करते, तब तक यह विरोध-प्रदर्शन खत्म नहीं होगा"।

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड