इंटरनेट के बिना चलने वाला Bitchat चैटिंग ऐप भारत में होगा बैन, जंतर-मंतर पर आंदोलन के बीच सरकार ने दिए ये निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने GitHub से Bitchat नाम के मैसेजिंग ऐप को ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट की है।

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BitChat | Image: AI

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने GitHub से Bitchat नाम के मैसेजिंग ऐप को ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट की है।

आपको बता दें कि Bitchat एक ब्लूटूथ मेश नेटवर्क आधारित ऐप है, जो बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के भी यूजर्स को आपस में मैसेज भेजने की सुविधा देता है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दिल्ली पुलिस 'संसद चलो' मार्च के दौरान ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन के दौरान समन्वय के लिए इस तरह के ऐप्स का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

एप को क्यों ब्लॉक करने को कहा?

I4C के मुताबिक, इंटरनेट शटडाउन के दौरान ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे प्रशासन के लिए संचार पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। एजेंसी ने यह भी आगाह किया है कि इन ऐप्स का दुरुपयोग दंगे भड़काने, संगठित अपराध, आतंकवादी गतिविधियों, गैरकानूनी जमावड़े आयोजित करने और अफवाह और भ्रामक जानकारी फैलाने जैसे कामों में हो सकता है।

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कैसे काम करता है मेश नेटवर्क?

Bitchat जैसे ऐप्स मेश नेटवर्क तकनीक पर आधारित होते हैं, जिसमें हर डिवाइस आस-पास के दूसरे डिवाइस से सीधे जुड़ जाता है और दूसरे यूजर्स के मैसेजेज को भी आगे पहुंचाने का काम करता है। इस नेटवर्क को चलाने के लिए न तो इंटरनेट की जरूरत होती है, न मोबाइल नेटवर्क की, और न ही किसी सेंट्रल सर्वर की।

ब्लूटूथ के जरिए एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक मैसेज आमतौर पर 10 से 100 मीटर की दूरी तक ही पहुंच पाता है। लेकिन जब कई डिवाइस आपस में जुड़ जाते हैं, तो वे एक-दूसरे के मैसेज को रिले करते हुए नेटवर्क का दायरा काफी बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि भीड़भाड़ वाली जगहों या प्रदर्शनों के दौरान यह तकनीक तेजी से लोगों के बीच मैसेज पहुंचाने में सक्षम हो जाती है।

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सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि केंद्रीय निगरानी से बाहर रहने की यह खूबी ही इसे संवेदनशील परिस्थितियों में एक चुनौती बना देती है, जिसके चलते इसे ब्लॉक करने की सिफारिश की गई है।

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड