शहबाज शरीफ के साथ जिनपिंग कर रहे थे गलबहियां, इधर भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर कर दिया बड़ा खेला, इस समझौते से चीन को मिर्ची लगनी तय
भारत और अमेरिका ने मंगलवार को एक द्विपक्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए, जिसका मकसद अहम खनिजों और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई, माइनिंग और प्रोसेसिंग को सुरक्षित करना है।
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भारत और अमेरिका ने मंगलवार को एक द्विपक्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए, जिसका मकसद अहम खनिजों और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई, माइनिंग और प्रोसेसिंग को सुरक्षित करना है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस अहम समझौते की घोषणा करते हुए, द्विपक्षीय बातचीत और क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद, आज के बेहद प्रतिस्पर्धी वैश्विक माहौल में इसके रणनीतिक महत्व पर जोर दिया।
क्या बोले जयशंकर?
जयशंकर ने कहा, "हम आज अहम खनिजों और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की माइनिंग और प्रोसेसिंग की सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए भारत-अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।"
इस बात पर जोर देते हुए कि यह मुद्दा क्वाड बैठक के दौरान भी चर्चा का एक अहम विषय था, मंत्री ने कहा कि इन संसाधनों को सुरक्षित करना "बहुत ही सही समय पर उठाया गया और बेहद जरूरी कदम है," चाहे इसे द्विपक्षीय रूप से किया जाए, क्वाड के जरिए, या फिर समान सोच वाले देशों के किसी बड़े समूह के साथ मिलकर।
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इस फ्रेमवर्क को अहम खनिजों और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की पूरी सप्लाई चेन में व्यापक सहयोग को और गहरा करने के लिए तैयार किया गया है। जयशंकर के अनुसार, इस साझेदारी के दायरे में माइनिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और इससे जुड़े निवेश शामिल होंगे। विदेश मंत्री ने आगे कहा, "यह मजबूत और विविध सप्लाई चेन को और ताकत देगा, साथ ही हमें फंडिंग के मामलों में और अहम खनिजों व रेयर अर्थ एलिमेंट्स के प्रभावी प्रबंधन में एक-दूसरे का सहयोग करने में मदद करेगा।"
इस समझौते को वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच बढ़ती साझेदारी का एक प्रमाण बताते हुए, जयशंकर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "यह इस बात का एक और संकेत है कि हमारी आपसी सहयोग कितना गहरा है, खासकर ऐसी दुनिया में जहां एक तरफ तो कई चुनौतियां हैं, वहीं दूसरी तरफ कई अवसर भी मौजूद हैं।"
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रूबियो ने क्या कहा?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अमेरिका के लिए भारत के महत्व पर जोर दिया और कहा कि इस समझौते पर हस्ताक्षर होना इसी बात का एक ठोस उदाहरण है।
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में यहां रहते हुए मैंने कई बार अमेरिका और भारत के बीच मौजूद रणनीतिक गठबंधन के बारे में बात की है, और इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के लिए यह गठबंधन कितना अहम है। और आज का यह समझौता इसी बात का एक ठोस उदाहरण है।"
जिनपिंग-शरीफ की मुलाकात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शनिवार को चार दिन की यात्रा पर चीन पहुंचे। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन की यात्राओं के कुछ ही दिनों बाद हुई है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को पाकिस्तान के साथ अटूट दोस्ती की तारीफ की और पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पहल करने के लिए इस्लामाबाद की सराहना की। यह बात उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात के दौरान कही।