India-US Trade Deal: '2025 में PM मोदी और ट्रंप के बीच 8 बार फोन पर बात हुई और...', अमेरिकी वाणिज्य सचिव की टिप्पणी पर MEA ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और टैरिफ के मुद्दों पर नई दिल्ली-वॉशिंगटन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आठ बार बात की है।

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From Bonhomie To Brinkmanship: India-US Relations Face Test In Trump 2.0 Era
PM मोदी-डोनाल्ड ट्रंप | Image: ANI

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और टैरिफ के मुद्दों पर नई दिल्ली-वॉशिंगटन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आठ बार बात की है।

हालांकि, ये टिप्पणियां सीधे तौर पर अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के इस दावे के जवाब में थीं कि अमेरिका-भारत FTA बातचीत इसलिए रुक गई है क्योंकि "पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया।"

क्या बोले MEA प्रवक्ता?

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने टिप्पणियां देखी हैं। भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे। तब से, दोनों पक्षों ने एक संतुलित और आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है। कई मौकों पर, हम डील के काफी करीब थे। रिपोर्ट की गई टिप्पणियों में इन चर्चाओं का जो वर्णन किया गया है, वह सही नहीं है। हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी फायदे वाले व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे पूरा करने की उम्मीद करते हैं। संयोग से, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप ने 2025 के दौरान 8 बार फोन पर बात की है, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई है।"

ईरान पर क्या बोले जायसवाल?

ईरान पर बोलते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम ईरान पर कड़ी नजर रख रहे हैं, हमने एक एडवाइजरी भी जारी की है। उस देश में हमारे करीब 10,000 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग हैं।

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उन्होंने उमर खालिद को ममदानी के खत पर भी बात की। MEA प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव दूसरे लोकतंत्रों में न्यायपालिका की आजादी का सम्मान करेंगे। पद पर बैठे लोगों को निजी पूर्वाग्रह जाहिर करना शोभा नहीं देता।"

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्रंप के 'क्या मैं आपको सर कह सकता हूं' वाले कमेंट विवाद पर कहा, 'नेता एक-दूसरे को आपसी सम्मान और डिप्लोमैटिक नियमों के साथ संबोधित करते हैं।'

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड