ED ने मनीष सिसोदिया पर मुकदमे में देरी कराने का आरोप लगाया, जमानत याचिका का किया विरोध
Delhi News: ED ने अदालत में आरोप लगाया कि मनीष सिसोदिया मुकदमे में देरी करा रहे हैं।
- भारत
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Delhi News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को यहां एक अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपी दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित धनशोधन मामले में अभियोजन में देरी करा रहे हैं।
विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष सिसोदिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एजेंसी ने यह भी दावा किया कि सिसोदिया नीति का मसौदा तैयार करने के लिए जिम्मेदार थे और उन्हें तथा आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य सदस्यों को 100 करोड़ रुपये की अग्रिम रिश्वत मिली थी।
आरोपी के कारण हुई देरीः ED
आप नेता ने राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया और मुकदमा शुरू होने में देरी का हवाला दिया। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया कि "देरी" अभियोजन पक्ष के कारण नहीं, बल्कि आरोपी के कारण हुई है।
न्यायाधीश ने इस बीच सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल तक बढ़ा दी। उन्हें उनकी हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया था। कार्यवाही के दौरान, सिसोदिया के सहयोगी और मामले में सह आरोपी संजय सिंह भी अदालत के समक्ष पेश हुए जिन्हें हाल में उच्चतम न्यायालय से जमानत मिली है।
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10 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
ईडी ने दावा किया कि आरोपियों ने इसी तरह का अनुरोध करते हुए कुल 95 आवेदन दायर किए हैं, जिनमें से छह सिसोदिया द्वारा दायर किए गए हैं। न्यायाधीश 10 अप्रैल को आगे की दलीलें सुनेंगे।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि दिल्ली आबकारी नीति में सुधार करते वक्त अनियमितताएं हुईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना लाइसेंस दिए गए।
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सीबीआई ने सिसोदिया को ‘घोटाले’ में उनकी कथित भूमिका के लिए 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी से उत्पन्न धनशोधन मामले में सिसोदिया को 9 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया था। सिसोदिया ने 28 फरवरी 2023 को दिल्ली मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)