'आतंकी पाकिस्तान भागते हैं तो भारत घुसकर मारेगा', राजनाथ सिंह के बयान पर PAK को लगी मिर्ची

Rajnath Singh on Terrorists: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आतंकवादियों को पाकिस्तान में घुसकर मारने की टिप्पणी के एक दिन बाद पाकिस्तान का बयान सामने आया।

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india military army coast guard
राजनाथ सिंह | Image: pti

Rajnath Singh on Terrorists: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आतंकवादियों को पाकिस्तान में घुसकर मारने की टिप्पणी के एक दिन बाद शनिवार को पड़ोसी मुल्क ने कहा कि वह अपनी संप्रभुत्ता की रक्षा करने के इरादे और क्षमता को लेकर दृढ़ है।

यहां विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है, लेकिन शांति की उसकी इच्छा का गलत मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

'इतिहास पाकिस्तान के दृढ़ संकल्प का गवाह'

विदेश कार्यालय ने चुनाव में फायदे के लिए घृणास्पद भाषण देने के लिए भारत की सत्तारूढ़ सरकार की आलोचना करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘इतिहास पाकिस्तान के दृढ़ संकल्प और अपनी रक्षा करने की क्षमता का गवाह है।’’

विदेश कार्यालय का बयान राजनाथ सिंह की शुक्रवार की उस टिप्पणी के जवाब में आया है कि अगर आतंकवादी भारत में शांति भंग करने की कोशिश करते हैं या आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देते हैं तो उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और अगर वे पाकिस्तान भाग जाते हैं तो भारत पड़ोसी देश में घुसकर उन्हें मारेगा।

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राजनाथ सिंह ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ में प्रकाशित एक खबर को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें दावा किया गया है कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने 2019 के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण के तहत पाकिस्तान में आतंकवादियों की हत्या कराई है।

पाकिस्तान ने और क्या कहा?

विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान आक्रमण के किसी कृत्य के खिलाफ अपनी संप्रभुत्ता की रक्षा करने के इरादे और क्षमता को लेकर दृढ़ है तथा उसने श्रेष्ठ सेना होने के भारत के दावे को खारिज कर दिया।

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बयान में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान के अंदर मनमाने ढंग से 'आतंकवादी' करार दिए गए और नागरिकों की हत्या करने की तैयारी के बारे में भारत का दावा स्पष्ट रूप से दोषी होने की स्वीकारोक्ति है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह जरूरी है कि वह भारत को उसके जघन्य और गैरकानूनी कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराए।’’

उसने कहा कि ऐसा ‘‘गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव न केवल क्षेत्रीय शांति को कमजोर करता है, बल्कि दीर्घकाल में रचनात्मक भागीदारी की संभावनाओं को भी बाधित करता है।’’ सिंह ने यह भी कहा था कि भारत हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।

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(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड