Delhi Blast: कौन है फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीना? जिसके पास थी भारत में जैश महिला विंग में भर्ती की जिम्मेदारी, मसूद अजहर से कनेक्शन
सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीना को जैश आतंकी संगठन का भारत में महिला विंग और रिक्रूटमेंट तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था। जमात उल मोमीनात जैश की महिला विंग है, जिसकी भारत में कमान डॉक्टर शाहीना को सौंपी गई थी।
- भारत
- 3 min read

दिल्ली के लाल किला के पास हुए भीषण विस्फोट ने देशभर में सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं। सभी टीमें हरकत में आ गई है और पूरे देश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
इस विस्फोट को लेकर एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। अब एक नए अपडेट में दिल्ली ब्लास्ट को मसूद अजहर की बहन से लिंक किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीना को जैश आतंकी संगठन का भारत में महिला विंग और रिक्रूटमेंट तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहीना के लखनऊ से पुराने पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। उसके दादा-दादी लालबाग इलाके में रहते थे और बचपन में वह कई बार लखनऊ आ चुकी थी। अभी तक इस लिंक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस हाई अलर्ट पर है। आपको बता दें कि जमात उल मोमीनात जैश की महिला विंग है, जिसकी भारत में कमान डॉक्टर शाहीना को सौंपी गई थी।
मसूद अजहर की बहन से लिंक
सादिया अहजर मसूद अहजर की बहन है, जो पाकिस्तान में जैश की महिला विंग की हेड है। सादिया अजहर का पति यूसुफ अजहर कंधार हाईजैक में एक मास्टरमाइंड था। इससे पहले ये भी जानकारी सामने आई थी कि अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि इस धमाके के तार फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। एजेंसियों को शक है कि कार में आतंकी डॉक्टर उमर मोहम्मद मौजूद था। हालांकि, कार में सवार शख्स का DNA टेस्ट करवाने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। एजेंसियों को फिदायीन हमले का शक है। बताया जा रहा है कि कार में विस्फोटक लगाया गया था और धमाका किया गया। यह कार पुलवामा के तारिक ने खरीदी थी, जिसे गिरफ्तार किया गया है।
Advertisement
क्या है जमात उल मोमीनात?
पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पहली बार महिला आतंकवादियों की एक अलग यूनिट बनाई है। इसे 'जमीयत-उल-मोमिनात' नाम दिया गया है। इस यूनिट की कमान मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर संभाल रही है। सादिया का पति यूसुफ अजहर 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारा गया था।
जैश-ए-मोहम्मद अब आतंकवादियों की पत्नियों और गरीब महिलाओं की भर्ती कर रहा है। ये महिलाएं बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मनसेहरा के मदरसों में पढ़ती हैं। यह संगठन पहले महिलाओं को लड़ाई में शामिल नहीं करता था, लेकिन पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद नियमों में बदलाव किया गया है। मसूद अजहर और उसके भाई तल्हा अल-सैफ ने महिलाओं को टीम में शामिल करने का फैसला किया था। ISIS और बोको हराम जैसे संगठन आत्मघाती हमलों में महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर और हिजबुल जैसे समूह पहले ऐसा नहीं करते थे।
Advertisement
इस साल अगस्त में यह खबर आई थी कि जैश-ए-मोहम्मद ने पूरे पाकिस्तान में 313 नए मरकज (केंद्र) बनाने के लिए 3.91 अरब पाकिस्तानी रुपये का ऑनलाइन धन उगाहने का अभियान शुरू किया था।
आपको बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। बहावलपुर पर भारत के हमले में मसूद के परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे। इसके अलावा, उसके 4 सहयोगी भी मारे गए थे। मृतकों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल थे। हमले के समय मसूद घटनास्थल पर नहीं था, इसलिए उसकी जान बच गई।