पहले बेटे ने की मां की हत्या, फिर बाथरूम की दीवार में चुनवाया... जानिए कैसे सुलझी मर्डर मिस्ट्री
Son murders mother: कलयुगी बेटे ने मां की हत्या कर घर मे ही बाथरूम में दफनाया। तीन दिन के अंदर ही पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
- भारत
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सत्यविजय सिंह
Son murders mother: श्योपुर में बेटे ने विधवा मां को मौत के घाट उतार दिया और फिर मृत शरीर की अपने ही मकान में चुनवा दिया। उसके बाद उसी बेटे ने थाने पर जाकर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने रिश्तेदारों ओर आसपास पड़ोसियों के साथ शक के आधार पर बेटे से पूछताछ की तो बेटे ने जुर्म कबूल किया। पुलिस आरोपी बेटे को मकान पर लेकर पहुंची। मकान के फर्स को खोदकर देखा तो मृत शरीर को जमीन में दफनाया हुआ था। पुलिस ने शव को निकालकर मामले का खुलासा किया और आरोपी बेटे को हिरासत में लिया।
ये है मामला
श्योपुर में कलयुगी बेटे की दिल दहला देने वाली करतूत सामने आई है, जहां शहर के नंबर वार्ड नं 7 में रहने वाली बुजुर्ग महिला उषा पचौरी का कत्ल उसके ही गोद लिए बेटे दीपक पचौरी ने कर दिया। कत्ल करने के बाद शव को घर में ही दीवार में चुनवा दिया और घटना को छुपाने के लिए थाना पहुंच कर मिसिंग रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसके बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर शिनाख्त की गई और रिश्तेदारों ओर आसपास पड़ोसियों से पूछताछ की गई तो गुमशुदगी का कोई सुराग सामने नहीं आया।
उसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर बेटे से पूछताछ की तो बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस द्वारा मकान की दीवार को खोदकर शव को निकाला गया है और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आपको बता दें कि यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के श्योपुर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस की मानें तो इस मामले में उनका कहना है कि आरोपी दीपक को शेयर बाजार और सट्टे की लत लग गई थी और पैसों के लिए यह सब कृत्य किया गया है।
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ऊषा देवी ने गोद लिया था बच्चा
जानकारी के अनुसार, शहर के रेलवे कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय भुवनेन्द्र पचौरी व उनकी पत्नी ऊषा देवी के कोई संतान नहीं थी इसलिए उन्होंने अनाथाश्रम से एक बच्चे को गोद लिया था। उस समय आरोपी दीपक दो साल का था। तब से दीपक मां-बाप के साथ रह रहा था। 2015 में भुवनेन्द्र सेवानिवृत्त हो गए और 2016 में हृदयाघात से उनकी मौत हो गई। तब से आरोपित दीपक और ऊषा साथ रह रहे थे, लेकिन दोनों मां बेटों के बीच कम बनती थी। इसलिए दीपक दिल्ली चला गया था।
अभी तीन-चार दिन पहले ही वह दिल्ली से आया था तभी उसने छह मई को सुबह विधवा मां को मौत के घाट उतारकर सीढ़ियों के नीचे बाथरूम में गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि पांच मई को दिन में उन्होंने ऊषा देवी को घर पर देखा था। उसके बाद वह दिखाई नहीं दी। मां की हत्या करने के बाद बेटे ने रिश्तेदारों को सूचना दी कि मां कहीं लापता हो गई है। महिला के रिश्तेदारों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी दीपक ने मां की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने मृतक के घर जाकर घटना स्थल का मौका मुआयना किया लेकिन शव नहीं निकाला। पुलिस अभी आरोपी बेटे से कड़ी पूछताछ कर रही है।