27 सेकंड में 8 बार पटका, 40 दिन में मिली सजा-ए-मौत... बेरहम दरिंदे के खिलाफ कोर्ट ने सुनाया सबसे तेज फैसला, पटक-पटककर की थी भतीजे की हत्या

फिरोजाबाद की एक अदालत ने डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले युवक को फांसी की सजा सुना दी है।

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Firozabad Crime
Firozabad Crime | Image: Republic

फिरोजाबाद की एक अदालत ने डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले युवक को फांसी की सजा सुना दी है। कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया, जबकि एक दिन पहले ही गुरुवार को आरोपी को दोषी करार दिया जा चुका था। सजा सुनते ही आरोपी विराज अदालत में रो पड़ा।

पूरा मामला 30 मई का है, जब फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में यह वारदात हुई थी। पुलिस के मुताबिक बदायूं निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक रिश्ते में मासूम की मां रति का देवर लगता है। रति उस दिन अपनी मां पिंकी देवी के साथ किसी काम से शिकोहाबाद आई हुई थी। आरोप है कि विराज ने रति से शादी करने की जिद पाल रखी थी, और जब उसकी यह इच्छा पूरी नहीं हुई, तो उसने बदले की भावना से मासूम आरव को निशाना बनाया।

टॉफी दिलाने के बहाने आरव को घर से बाहर ले गया

विराज टॉफी दिलाने के बहाने आरव को घर से बाहर ले गया। घर से करीब 50 मीटर दूर एक सुनसान सड़क पर उसने महज 27 सेकंड के भीतर बच्चे को 8 बार जमीन पर दे मारा। मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह शव को घर के दरवाजे पर छोड़कर फरार हो गया। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई थी, जो बाद में वायरल हुई और देखने वालों को हिलाकर रख दिया।

पुलिस विराज को वापस जेल ले गई

घटना के बाद पुलिस ने विराज के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। उसी रात मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उसे दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने महज छह दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। 15 जून से गवाहियां शुरू हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 अहम गवाह पेश किए गए।

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गुरुवार को अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयान सुनने के बाद विराज को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के सबूत पुख्ता हैं और घटना बेहद जघन्य है। शुक्रवार को सजा का ऐलान हुआ, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस विराज को वापस जेल ले गई। मासूम आरव की नानी पिंकी देवी भी अदालत में मौजूद थीं और उन्होंने फैसले पर संतोष जताया।

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Published By:
 Kunal Verma
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