ईरान युद्ध के बीच तेल-LPG संकट पर 3 घंटे तक चली बैठक, PM मोदी ने मंत्रियों के सामने बताया पूरा एक्शन प्लान; जानिए क्या-क्या कहा

ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंत्रियों के साथ बैठक की। 3 घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने पूरा एक्शन प्लान बताया।

Follow : Google News Icon  
PM Modi Chairs Meeting to Review Energy, Fertiliser Supply Amid West Asia Conflict
PM Modi Chairs Meeting to Review Energy, Fertiliser Supply Amid West Asia Conflict | Image: ANI

ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंत्रियों के साथ बैठक की। 3 घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने पूरा एक्शन प्लान बताया।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों के साथ ईंधन सप्लाई चैन को लेकर समीक्षा बैठक की।

मीटिंग में क्या हुआ?

PM मोदी की बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर, पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों से जुड़ी स्थिति पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूरे देश में निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रिब्यूशन को समय पर पहुंचाने पर जोर दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस समिति को रणनीतिक मामलों के संबंध में देश की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था माना जाता है।

Advertisement

PM मोदी के बैठक की जरूरी बातें

  1. जरूरी चीजों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
  2. भविष्य में उर्वरकों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों हेतु उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।
  3. रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने हेतु कई उपायों पर चर्चा की गई।
  4. निकट भविष्य में भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।
  5. प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें।
  6. प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का एक समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण-सरकारी दृष्टिकोण' (whole-of-government approach) के तहत पूरी लगन से काम करे।
  7. प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें।
  8. प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी न हो।

ये भी पढ़ेंः डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया दूसरे टारगेट का ऐलान, कहा- ये सबसे बड़ा दुश्मन

Published By :
Kunal Verma
पब्लिश्ड