राहुल-प्रियंका का अमेठी-रायबरेली से मोहभंग? कांग्रेस की पहली लिस्ट ने किया निराश; अब आगे क्या?
Lok Sabha Elections: कांग्रेस की पहली लिस्ट में राहुल गांधी की उम्मीदवारी वायनाड से तय की गई है। ऐसे में क्या कांग्रेस का अमेठी से मोहभंग हो गया है?
- चुनाव न्यूज़
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राघवेंद्र पांडे
Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी की, जिसमें उत्तर प्रदेश से एक भी लोकसभा सीट का नाम नहीं था। जबकि, गठबंधन में कांग्रेस के लिए पहले ही 17 सीट आरक्षित हुई है। इसके बावजूद भी कांग्रेस ने एक भी नाम यूपी के उम्मीदवारों की जारी नहीं की।
कयास लगाया जा रहा था कि रायबरेली और अमेठी से कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अमेठी के लोगों को निराशा तब हाथ लगी जब पहली सूची में राहुल गांधी का नाम वायनाड से घोषित हुआ। यह नाम आते ही अमेठी के लोगों में निराशा छा गई। पहली सूची में रायबरेली लोकसभा क्षेत्र का भी नाम नहीं था, जिसके कारण रायबरेली की भी जनता मायूस हुई।
क्या इन सीटों से कांग्रेस का मोहभंग?
सूत्रों के मुताबिक, इस वक्त चुनावी तैयारियों के बीच खबर यह आ रही है कि प्रियंका गांधी विदेश में हैं, निजी दौरे पर भारत से बाहर गई हैं, जिसके कारण रायबरेली सीट से अभी तक फैसला नहीं हो पाया है।
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सूत्रों के अंदर खाने से बड़ी खबर यह भी है कि रायबरेली की जिला कांग्रेस कमेटी सहित पूर्व विधायक एवं रायबरेली के कार्यकर्ता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से मिलने दिल्ली गए थे, लेकिन कई दिनों घर के बाहर रहने के बावजूद रायबरेली के लोगों से मिलने से मना किया गया।
वहीं कांग्रेस की बैठक में जब सोनिया गांधी आईं तो रायबरेली के कार्यकर्ता नारे लगाते रहे और सोनिया ने अभिवादन भी स्वीकार नहीं किया। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल, प्रियंका और सोनिया का अमेठी रायबरेली की जनता से मोहभंग हो गया है।
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क्या प्रियंका भी नहीं लड़ेंगी चुनाव?
सोनिया गांधी पहले ही रायबरेली छोड़कर राजस्थान से राज्यसभा चुनी गईं हैं। राहुल गांधी पहले ही अमेठी हार चुके हैं। इस बार भी उन्होंने अपना नाम वायनाड से ही घोषित कराया है, जिससे कहा जा सकता है कि दशकों पुराना घर का रिश्ता अब दूरी में बदल गया है। जिस तरह की खबरें आ रही हैं, उससे नहीं लगता कि प्रियंका भी चुनाव लड़ेंगी। सवाल ये है कि क्या अब राहुल के बाद प्रियंका का भी रायबरेली से इनकार है?
बड़ी बात यह है कि राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी के चुनाव न लड़ने पर अमेठी और रायबरेली का प्रत्याशी कौन होगा? इन सीटों पर क्या कांग्रेस पार्टी किसी बड़े चेहरे को बाहर से लाती है या अपनों पर विश्वास करती है?