'आपकी निष्ठा कहां है...', दिल्ली में चुनाव के बीच उपराज्यपाल से क्यों उलझ गईं CM आतिशी? लिखी लंबी चौड़ी चिट्ठी

वीके सक्सेना को जवाब देते हुए आतिशी ने लिखा कि उपराज्यपाल के रूप में आपकी संवैधानिक जिम्मेदारी दिल्ली के लोगों के प्रति है न कि आपके राजनीतिक आकाओं के प्रति।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Delhi LG VK Saxena Vs CM Atishi
Delhi LG VK Saxena Vs CM Atishi | Image: PTI

LG VK Saxena Vs CM Atishi: दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बीच उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री आतिशी के बीच ठन गई है। मुद्दा यमुना के पानी है, जिसको लेकर पिछले दिनों उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अरविंद केजरीवाल को उन आरोपों का जवाब दिया, जिसमें AAP के राष्ट्रीय संयोजक ने बीजेपी पर दिल्लीवासियों के खिलाफ नरसंहार जैसे आरोप लगाए थे। फिलहाल इस मामले में मुख्यमंत्री आतिशी की एंट्री हुई है और उन्होंने पलटवार के रूप में उपराज्यपाल को लंबा चौड़ा लेटर लिखा है।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना को AAP की तरफ से जवाब देते हुए आतिशी ने कहा है कि ' यमुना में अमोनिया का स्तर स्वीकार्य सीमा से 700% अधिक है, एक ऐसा तथ्य जिसे आप नकार नहीं सकते, चाहे आप कितनी भी रिपोर्ट में हेरफेर क्यों न करें। आप उन लोगों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं जिनकी सेवा करने की आपसे अपेक्षा की जाती है।' आतिशी ने कहा कि 'हरियाणा सरकार का आपका निरंतर बचाव और दिल्ली की जल आपूर्ति के प्रदूषण के खिलाफ आपकी पूर्ण निष्क्रियता एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है- आपकी निष्ठा कहां है?'

आतिशी ने लेटर में LG पर लगाए कई आरोप

आतिशी ने लेटर में लिखा- 'ये बेहद निराशाजनक है लेकिन आश्चर्य की बात नहीं है कि दिल्ली के पानी में खतरनाक रूप से उच्च अमोनिया के स्तर के दबाव वाले मुद्दे को संबोधित करने के बजाय आपने निराधार आरोप लगाए हैं और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में अपनी पूरी तरह से विफलता से ध्यान हटाने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ी है। दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में आपकी संवैधानिक जिम्मेदारी दिल्ली के लोगों के प्रति है न कि आपके राजनीतिक आकाओं के प्रति। आपके कार्यों से पता चलता है कि आपकी प्राथमिक रुचि संविधान को बनाए रखने या दिल्ली के नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय बीजेपी से आदेशों का पालन करने में है।'

यह भी पढ़ें: दिल्ली चुनाव के बीच मानहानि मामले में आतिशी को बड़ी राहत, कोर्ट ने रद्द किया समन; बीजेपी नेता ने किया था मुकदमा

Advertisement

एलजी और सीएम के बीच क्या है पूरा विवाद?

27 जनवरी को आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए थे और कहा था- 'चुनाव में हार के डर से BJP दिल्ली वालों को प्यासा मारना चाहती है। BJP अपनी हरियाणा सरकार से यमुना नदी में जहरीला पानी छुड़वा रही है। पानी में इतना अमोनिया है कि दिल्ली के 3 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने की कगार पर हैं। दिल्ली के 30 फीसदी लोगों को पानी नहीं मिलेगा। हिंदू धर्म में पानी रोकने से बड़ा कोई पाप नहीं होता। दिल्ली के लोग BJP वालों को इस पाप का जवाब 5 फरवरी को देंगे।'

आतिशी के बाद अरविंद केजरीवाल ने और भी गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने 'X' पर लिखा- 'लोगों को प्यासा मारने से बड़ा पाप नहीं होता। अपनी गंदी राजनीति के लिए बीजेपी दिल्ली वालों को प्यासा मारना चाहती है। हरियाणा से बीजेपी वाले पानी में जहर मिलाकर दिल्ली भेज रहे हैं। अगर ये पानी दिल्ली वालों ने पी लिया तो कई लोग मर जाएंगे। क्या इससे घिनौना काम कोई हो सकता है? जो जहर पानी में मिलाकर भेजा जा रहा है, वो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ भी नहीं हो सकता। दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के लिए कई इलाकों में पानी बंद करना पड़ रहा है। हमारी कोशिश है कि लोगों को कम से कम तकलीफ हो। बीजेपी वाले दिल्ली वालों की सामूहिक हत्या करना चाहते हैं। हम ये बिल्कुल नहीं होने देंगे।'

Advertisement

अरविंद केजरीवाल के इन आरोपों पर उपराज्यपाल ने पिछले दिन जवाब दिया।उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर केजरीवालकी 'पानी में जहर मिलाने' वाली टिप्पणी पर अपनी आपत्ति जताई और इसे झूठा, भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया। एलजी ने मुख्यमंत्री आतिशी को जन कल्याण और शांति के लिए क्षुद्र हितों से ऊपर उठने की सलाह दी। पत्र में एलजी सक्सेना ने कहा कि केजरीवाल की तरफ से यमुना के पानी को जहरीला करने और दिल्लीवासियों के खिलाफ नरसंहार के आरोप जनता को भड़काने का प्रयास है। फिलहाल आतिशी ने पलटवार उपराज्यपाल के इसी पत्र को लेकर किया है।

यह भी पढ़ें: 'बहादुरी पर ज्ञान ना दें तो अच्छा है...', केजरीवाल ने राहुल गांधी को दिलाई नेशनल हेराल्ड की याद, कहा- हमें सब बहादुरी पता है

Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड