Budget 2025: किसान सम्मान निधि से आयुष्मान भारत स्कीम तक...सरकार ने किन योजनाओं पर कितना पैसा लगाया? बजट से पहले आंकड़े सामने
Union Budget 2025: केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण का ये लगातार रिकॉर्ड 8वां बजट होगा।
- बिजनेस न्यूज
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Union Budget 2025: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। 11 बजे संसद की कार्यवाही शुरू होगी और उसके बाद केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण का ये लगातार रिकॉर्ड 8वां बजट होगा।
निर्मला सीतारमण अपने पिटारे से कई सेक्टर्स को तोहफा देंगी। उम्मीद इसकी भी है कि बजट में निर्मला सीतारमण देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लिए भी राहत लेकर आएंगी। मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीदवार टैक्सकटौती को लेकर है। पीएम नरेंद्र मोदी की ड्रीम स्कीम्स को भी बजट में विस्तार दिया जा सकता है। पिछले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कुछ प्रमुख योजनाओं का जिक्र किया और उनके आंकड़े भी बताए कि सरकार ने योजनाओं पर कितना पैसा लगाया है।
सरकार ने किन योजनाओं पर कितना पैसा लगाया?
प्रधानमंत्री आवास योजना का विस्तार: योजना का विस्तार करते हुए तीन करोड़ अतिरिक्त परिवारों को नए घर देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 5 लाख 36 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
गरीबों के लिए स्वामित्व योजना: सरकार गांव में गरीबों को उनकी आवासीय भूमि का हक देने और वित्तीय समावेशन के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब तक 2 करोड़ 25 लाख सम्पत्ति कार्ड जारी किए हैं। इनमें से करीब 70 लाख स्वामित्व कार्ड पिछले 6 महीने में जारी हुए हैं।
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पीएम किसान सम्मान निधि: सरकार ने इस योजना के तहत करोड़ों किसानों को पिछले महीनों में 41 हजार करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया है।
जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: जनजातीय समाज के 5 करोड़ लोगों के लिए 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष' अभियान शुरू हुआ। इसके लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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आयुष्मान भारत योजना: इसके अंतर्गत 70 साल और उससे अधिक उम्र के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा देने का फैसला हुआ। इन्हें हर साल 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा।
मुद्रा ऋण स्कीम: छोटे उद्यमियों के लिए मुद्रा ऋण की सीमा दस लाख रुपये से बढ़ाकर बीस लाख रुपये कर दी गई है।
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना: सरकार ने युवाओं की शिक्षा और उनके लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष फोकस किया। मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा में वित्तीय सहायता देने के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी योजना शुरू की गई। एक करोड़ युवाओं को शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जाएंगे। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लागू किया गया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में 25 हजार बस्तियों को जोड़ने के लिए 70 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। आज जब हमारा देश अटल जी की जन्म शताब्दी का वर्ष मना रहा है, तब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना उनके विजन का पर्याय बनी हुई है।
रेलवे को नई ट्रेनों की सौगातें: देश में अब 71 वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत ट्रेन चल रही हैं, जिनमें पिछले 6 महीने में ही 17 नई वंदे भारत और एक नमो भारत ट्रेन को जोड़ा गया है।
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सरकार के खर्च और कमाई का हिसाब-किताब क्या है?
बजट को पूरे वित्तीय वर्ष के लिए पेश दिया जाता है, जिसमें राजस्व, खर्चों, कर व्यवस्था, नीतिगत पहल जैसे खर्चों को जगह दी जाती है। बजट में सरकार के खर्च और कमाई का पूरा लेखा-जोखा रहता है। हालांकि सरकार के पास पैसा आता कहां है और सरकार किन-किन जगहों पर पैसा खर्च करती है, 2024-25 के वित्तीय वर्ष में सरकार ने जो आंकड़े बताए, उससे इसे समझने की कोशिश करते हैं।
रुपया कहां से आता है? (बजट 2024-25)
- कस्टम: 4 प्रतिशत
- इनकम टैक्स : 19 प्रतिशत
- कॉरपोरेट टैक्स: 17 प्रतिशत
- नॉन टैक्स रिसिप्ट: 9 प्रतिशत
- कर्ज और अन्य देयताएं: 27 प्रतिशत
- केंद्रीय एक्साइड ड्यूटीज : 5 प्रतिशतजीए
- सटी और अन्य टैक्स: 18 प्रतिशत
- नॉन डेब्ट कैपिटल रिसिप्ट: 1 प्रतिशत
रुपया कहां खर्च? (बजट 2024-25)
- पेंशन: 4 प्रतिशत
- रक्षा: 8 प्रतिशत
- सब्सिडी: 6 प्रतिशत
- ब्याज भुगतान: 19 प्रतिशत
- सेंट्रल सेक्टर स्कीम्स: 16 प्रतिशत
- केंद्रीय स्पॉन्सर्ड स्कीम्स: 8 प्रतिशत
- वित्त आयोग और अन्य ट्रांसफर्स: 9 प्रतिशत
- करों और शुल्कों में राज्यों का हिस्सा: 21 प्रतिशत
- अन्य व्यय: 9 प्रतिशत
बजट 2024-25 में किस मंत्रालय को कितना पैसा?
- रक्षा मंत्रालय: 4.54 लाख करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास: 2.65 लाख करोड़ रुपये
- कृषि: 1.51 लाख करोड़ रुपये
- गृह मंत्रालय: 1.50 लाख करोड़ रुपये
- शिक्षा: 1.25 लाख करोड़ रुपये
- संचार मंत्रालय: 1.16 लाख करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य: 89,287 करोड़ रुपये
- एनर्जी: 68,769 करोड़ रुपये
- सोशल वेलफेयर: 56,501 करोड़ रुपये
- कॉमर्स एंड इंडस्ट्री: 47,559 करोड़ रुपये