अपडेटेड 25 March 2026 at 21:52 IST

US-Iran War: अमेरिकी अधिकारियों को पाकिस्तान जाने में सता रहा मौत का खौफ? सीजफायर डील के लिए फिर कहां जाएंगे, कैसे होगी वार्ता?

ट्रंप प्रशासन के अधिकारी इस हफ्ते के आखिर में पाकिस्तान में एक मीटिंग का इंतजाम करने में लगे हैं, ताकि ईरान में चल रही जंग को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके।

Marco Rubio, Donald Trump and Pete Hegseth. File | Image: X

ट्रंप प्रशासन के अधिकारी इस हफ्ते के आखिर में पाकिस्तान में एक मीटिंग का इंतजाम करने में लगे हैं, ताकि ईरान में चल रही जंग को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके।

अभी की योजनाओं के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस देश का दौरा करेंगे, और शायद ट्रंप प्रशासन के कुछ और बड़े अधिकारी भी उनके साथ होंगे। हालांकि, कुछ अधिकारियों में पाकिस्तान दौरे को लेकर खौफ है और उन्होंने सुरक्षा संबंधी चिंताएं जाहिर की हैं।

बदल सकती है सीजफायर वार्ता की जगह?

अधिकारियों ने आगाह किया कि इस संभावित दौरे का समय अभी पक्का नहीं है; जगह और इसमें कौन-कौन शामिल होगा, यह भी अभी तय नहीं है। चूंकि, कुछ अधिकारी पाकिस्तान जाने से कतरा रहे हैं, ऐसे में इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने बताया कि बातचीत के लिए तुर्की भी एक संभावित जगह के तौर पर सामने आया है।

आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही मौजूदा कूटनीतिक बातचीत में पाकिस्तान ने एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। उसने वॉशिंगटन द्वारा सुझाया गया 15-सूत्रीय प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया है, जिसमें तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। लेकिन तुर्की ने भी इसमें अपनी भूमिका निभाई है।

बातचीत व्हाइट हाउस में जारी रहने की उम्मीद?

अधिकारियों में से एक ने बताया कि इस दौरे से जुड़ी बातचीत बुधवार को व्हाइट हाउस में जारी रहने की उम्मीद है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, उनके दामाद जैरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ इस समय ईरान के साथ बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं। बुधवार सुबह तक यह साफ नहीं हो पाया था कि कौन-कौन इस बातचीत के लिए पाकिस्तान दौरे पर जा सकता है।

इस बीच ईरान ने भी डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और उसकी जगह पर अपनी पांच शर्तें बताई हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप इन शर्तों को मानेंगे या ये युद्ध अभी और लंबा चलेगा।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 25 March 2026 at 21:49 IST