डोनाल्ड ट्रंप पर भड़का चीन, होर्मुज से गुजरने वाले ड्रैगन के जहाज पर हमला हुआ तो क्या होगा, क्या युद्ध में अब आमने-सामने होंगे अमेरिका-बीजिंग?

चीन ने आज पहले ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया, और चेतावनी दी कि इससे तनाव बढ़ सकता है।

China | Image: ANI

चीन ने आज पहले ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया, और चेतावनी दी कि इससे तनाव बढ़ सकता है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, "इस तरह के कदम केवल विरोधाभासों को और बढ़ाएंगे, तनाव को और गंभीर करेंगे, पहले से ही नाजुक संघर्ष-विराम को कमजोर करेंगे, और जलडमरूमध्य से होकर होने वाले नौवहन की सुरक्षा को और खतरे में डालेंगे।"

'खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया'

उन्होंने आगे कहा, "यह एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।" चीन लगातार सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने, और जलडमरूमध्य से होकर सामान्य नौवहन को बहाल करने का आग्रह करता रहा है।

होर्मुज में चीनी जहाज ने अमेरिकी नेवी को दिया चकमा

वहीं, दूसरी ओर एक टैंकर, जिसने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश बीच में ही छोड़ दी थी, मंगलवार तड़के वापस मुड़ा और उस जलमार्ग से गुजारा। यह अमेरिकी नाकेबंदी की पहली परीक्षाओं में से एक था।

शिपिंग डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, जिसने एनर्जी कार्गो-ट्रैकिंग फर्म Vortexa के डेटा का हवाला दिया, 'रिच स्टारी' नामक एक केमिकल और तेल टैंकर, संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास इंतजार कर रहा था। अमेरिकी सेना ने सोमवार को कहा कि यह नाकेबंदी केवल उन जहाजों पर लागू होती है जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं; और यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि 'रिच स्टारी' ने पहले ईरान में लंगर डाला था या वह ईरानी तेल ले जा रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस जहाज के बारे में पूछे गए सवालों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।

ड्रैगन के जहाज पर हमला हुआ तो क्या होगा?

दुनियाभर को पता है कि चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल आयातक है। अभी तक उसके जहाजों को टोल के साथ होर्मुज पार करने की इजाजत थी, लेकिन अब अमेरिका ने भी होर्मुज पर पहला बिठा दिया है। ट्रंप के ऐलान के अनुसार, अगर कोई भी जहाज होर्मुज से गुजरा, तो उसपर अमेरिकी नेवी हमला भी कर सकती है, उसे कब्जे में भी ले सकती है और उसे वहीं समंदर में रोक सकती है।

ऐसे में जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिकी नेवी चीनी जहाजों पर हमला करती है, तो उसे ड्रैगन की ओर से जवाब भी दिया जाएगा, क्योंकि चीन ने हमेशा से संप्रभुता के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेकी है। ऐसे में वो इस मामले में पीछे हटा तो उसकी ताकत पर सवालिया निशान खड़े हो सकते हैं। तो, अमेरिकी नेवी पर जवाबी हमला करना उसकी मजबूरी भी होगी और उसे अपनी ताकत दिखाने का एक मौका भी होगा।

हालांकि, अगर ऐसा होता है तो ईरान युद्ध एक बड़े ग्लोबल संकट में बदल सकता है, क्योंकि जब दो महाशक्तियां टकराती हैं तो महाविनाश होना तय हो जाता है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 14 April 2026 at 16:50 IST