ट्रंप की नींद उड़ाएगा 'मच्छरों का बेड़ा', ईरान ने होर्मुज में शुरू कर दी अमेरिका की कब्र बिछाने की तैयारी; सीजफायर टूटते ही होगा 'महाविनाश'!
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कड़ी पाबंदी का ऐलान कर दिया है। इससे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी सातवें आसमान पर पहुंच गई है। उन्होंने यह तक कह दिया है कि अगर ईरान नहीं माना तो हमें फिर से बम गिराना पड़ेगा।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर कड़ी पाबंदी का ऐलान कर दिया है। इससे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी सातवें आसमान पर पहुंच गई है। उन्होंने यह तक कह दिया है कि अगर ईरान नहीं माना तो हमें फिर से बम गिराना पड़ेगा।
लेकिन, अंदरखाने ये बात तो साफ है कि ईरान ने ट्रंप की नींदें उड़ा दी है। ईरान और उसके प्रॉक्सी ने होर्मुज में घुसने वाले जहाजों पर हमला करना भी शुरू कर दिया है। आपको बता दें कि होर्मुज में जिस सेना से ईरान ने सबको पस्त कर रखा है, उसे 'मच्छरों का बेड़ा' कहा जाता है।
इसे मच्छरों का बेड़ा क्यों कहते हैं?
पूर्व पेंटागन अधिकारी एलेक्स प्लिटसास ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि इसे मच्छरों का बेड़ा इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि ये छोटे होते हैं, समुंद्र में दूसरे जहाजों को परेशान करते हैं और काट भी लेते हैं। इसकी झुंड में हजारों छोटी तेज स्पीड वाली नावें होती हैं, जो तेज रफ्तार से दौड़ती हैं।
इनमें कई मिसाइलें, हथियार, रॉकेट और ड्रोन्स होते हैं। ये इतनी छोटी होती हैं कि रडार तक को चकमा दे देती हैं। ये हजारों की संख्या में आकर एक साथ हमला करते हैं, जिससे बड़े-बड़े युद्धपोत भी हार मान लेते हैं।
आपको बता दें कि सीजफायर खत्म होते ही होर्मुज में नावें आतंक मचा सकती हैं और अमेरिकी नेवी और उसके जहाजों पर भीषण हमला कर सकती हैं, जिसमें अमेरिका को बड़ा नुकसान हो सकता है।
कई जहाजों पर हमला
पिछले दिनों यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी का कहना था कि उसे एक टैंकर पर गोलीबारी की रिपोर्ट मिली थी। एजेंसी के अनुसार, यह गोलीबारी "ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी दो गनबोटों" द्वारा ओमान के उत्तर-पूर्व में 20 नॉटिकल मील की दूरी पर की गई थी।
UKMTO ने अपनी एडवाइजरी नोट में बताया कि टैंकर के कैप्टन ने कहा कि दोनों गनबोटों ने बिना किसी रेडियो चेतावनी के ही गोलीबारी शुरू कर दी थी। एजेंसी ने आगे कहा कि पोत और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की सूचना मिली है।
इसके अलावा, कल ये भी खबर आई थी कि एलएनजी ले जा रहे अल गाशामिया और कच्चे तेल ले जा रहे स्टि एलिसीज जैसे जहाज भारत के बंदरगाहों की ओर जा रहे थे, लेकिन खाड़ी में फंसे हुए हैं और जहाज निगरानी उपकरणों से पता चलता है कि वे अपना रास्ता बदल रहे हैं।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 19 April 2026 at 16:19 IST