ईरान ने कतर के 2 तेल टैंकर पर किया हमला, एक को किया नेस्तनाबूद, दी ये धमकी... अब क्या करेंगे ट्रंप?

कतरी ऑयल टैंकर "अल-रकायत" को तब निशाना बनाया गया, जब उसने ईरान की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी नौसेना की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ओमान के रास्ते से गुजरने की कोशिश की।

ईरान का हमला | Image: ANI

मंगलवार को ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि कतरी ऑयल टैंकर "अल-रकायत" को तब निशाना बनाया गया, जब उसने ईरान की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए अमेरिकी नौसेना की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ओमान के रास्ते से गुजरने की कोशिश की।

IRIB ने ईरान के उस पुराने रुख को फिर से दोहराया कि होर्मुज में हालात वैसे नहीं रहेंगे जैसे ईरान पर अमेरिकी हमले से पहले थे। साथ ही, यह भी कहा गया कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान द्वारा बताए गए रास्तों का पालन करना होगा, वरना जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।

यह रिपोर्ट तब आई जब यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने बताया कि उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य के तट के पास ओमान के दक्षिण में जा रहे एक टैंकर से रिपोर्ट मिली है, जिस पर किसी अज्ञात चीज (प्रोजेक्टाइल) से हमला हुआ और उसमें आग लग गई।

जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं

दो अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए Axios ने रिपोर्ट दी कि ईरान की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर कम से कम दो मिसाइलें दागीं। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि खबरों के मुताबिक, एक जहाज ओमान के तट के पास हमले का शिकार हुआ, जबकि दूसरे कमर्शियल जहाज पर भी ईरानी मिसाइल से हमला हुआ। दोनों जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले कर सकता है अमेरिका

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले होर्मुज में हमले रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक हफ्ते के समझौते की मियाद खत्म होने के बाद हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वाशिंगटन ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले कर सकता है। इसमें यह भी बताया गया कि पिछले हफ्ते दोहा, कतर में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अप्रत्यक्ष बातचीत होर्मुज से आवाजाही के मुद्दे पर बिना किसी खास प्रगति के खत्म हो गई। यह ताजा घटना होर्मुज में जहाजों पर पहले हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक-दूसरे पर किए गए हमलों के सिलसिले का हिस्सा है।

तेहरान का कहना है कि 17 जून के समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत इस अहम जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को संभालने की पूरी जिम्मेदारी उसी की है। उसने ओमान के समुद्री इलाके में अमेरिका समर्थित समुद्री कॉरिडोर का विरोध करते हुए तर्क दिया है कि यह समझौते का उल्लंघन है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 7 July 2026 at 16:10 IST