'मैं ईरान पर अटैक करने जा रहा, ये मैंने ट्रंप को बताया था, परमिशन नहीं मांगी थी', नेतन्याहू हुए आगबबूला, कहा- कोई तुम्हें मारने आएगा तो...

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने एक बयान कहा है कि उन्होंने जून 2025 में इस्लामिक रिपब्लिक (ईरान) के खिलाफ इजरायली अभियान से पहले ईरान पर हमला करने की इजाजत कभी नहीं मांगी थी।

Netanyahu | Image: Republic

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने एक बयान कहा है कि उन्होंने जून 2025 में इस्लामिक रिपब्लिक (ईरान) के खिलाफ इजरायली अभियान से पहले ईरान पर हमला करने की इजाजत कभी नहीं मांगी थी। इस अभियान में बाद में अमेरिका भी शामिल हो गया था।

तेल अवीव में स्थानीय अधिकारियों के लिए 'मुनी एक्सपो' कॉन्फ्रेंस में हिब्रू भाषा में दिए गए भाषण में नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अभियान से पहले ट्रंप से कहा था, "हम ईरान पर हमला करने जा रहे हैं, क्योंकि मैं अपने दुश्मनों का इंतजार करते हुए हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठूंगा। वे दुश्मन जो खुलेआम और जोर-शोर से कहते हैं कि वे हमें, और आपको (अमेरिका) भी खत्म करना चाहते हैं।"

'मैंने ट्रंप से परमिशन नहीं मांगी...'

उन्होंने ट्रंप से कहा था, "मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। और इसीलिए हम कार्रवाई कर रहे हैं। मैंने ट्रंप से परमिशन नहीं मांगी। मैंने बस उन्हें अपनी योजना के बारे में बताया।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे खुशी थी कि आखिर में वे इस बहुत अहम कार्रवाई में शामिल हुए।"

आपको बता दें कि नेतन्याहू का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब जेरूसलम और वाशिंगटन के बीच तनाव का माहौल है, क्योंकि ट्रंप ईरान के साथ समझौते की कोशिश कर रहे हैं और इजरायल की सैन्य कार्रवाई की आजादी पर अमेरिकी पाबंदियों को लेकर भी चिंताएं हैं।

'अगर कोई तुम्हें मारने आए, तो जल्दी उठो और उसे पहले मार डालो'

2023 में हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर को हुए नरसंहार के बाद से ईरान, गाजा में हमास और लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की सैन्य कामयाबियों का बचाव करते हुए नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि "सुरक्षा एक नियम से मिलती है। अगर कोई तुम्हें मारने आए, तो जल्दी उठो और उसे पहले मार डालो, जो कि तालमुद (यहूदी धर्मग्रंथ) की एक जानी-मानी सीख है।"

उन्होंने कहा कि यह इजरायल की सुरक्षा नीति में बदलाव को दिखाता है, ताकि ज्यादा 'प्री-एम्प्टिव' (हमले से पहले हमला करने वाला) रुख अपनाया जा सके। मैदान में उतरना, पहल करना, हमला करना। उन्होंने कहा कि हालिया संघर्षों में हमने जो सबसे अहम काम किया, वह था डर की दीवार को तोड़ना।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 24 June 2026 at 23:33 IST