'अमेरिका अगर तेल अवीव में अपने पालतू जानवर को काबू में न रख पाया तो हम उसे देंगे मुंहतोड़ जवाब', ईरान ने ट्रंप और इजरायल को दी खुली धमकी
मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर गरमा गए हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के एक बयान ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए कहा कि उसे मौत के लिए मार्क कर लिया गया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर गरमा गए हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के एक बयान ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को सीधे तौर पर निशाना बनाते हुए कहा कि उसे मौत के लिए मार्क कर लिया गया है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को अमेरिका को खुली चेतावनी दे डाली।
अराघची ने X पर लिखा कि इस्लामाबाद में हुए समझौते (MoU) की शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं और दुनिया के सामने हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल अवीव में अपने 'पालतू जानवरों' को काबू में रखने का वादा किया था, और अगर वे अपने 'मालिक' की बात नहीं मानते, तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा। उन्होंने साफ कहा कि ईरानी जनता और नेतृत्व के खिलाफ किसी भी धमकी का जवाब तुरंत और जोरदार तरीके से दिया जाएगा।
काट्ज का बयान क्या था?
दरअसल यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने हिब्रू मीडिया से बातचीत में कहा कि खामेनेई पर पहले ही दो बार हमले हो चुके हैं, और अगर हालात ने मजबूर किया तो तीसरा ऑपरेशन भी संभव है। काट्ज ने ईरानी अधिकारियों को माहिर सौदेबाज बताते हुए यह भी दोहराया कि इजरायल किसी भी सूरत में तेहरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देगा।
खामेनेई गायब क्यों हैं?
गौरतलब है कि मोजतबा खामेनेई मार्च की शुरुआत में सुप्रीम लीडर की गद्दी संभालने के बाद से किसी सार्वजनिक मंच पर नजर नहीं आए हैं। यह पद उन्हें फरवरी के आखिर में उनके पिता और तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की इजरायली हमले में मौत के बाद मिला था। इत्तेफाक की बात यह है कि उसी वक्त काट्ज ने X पर पोस्ट करते हुए कहा था कि तेहरान जिस भी नए नेता की नियुक्ति करेगा, अगर वह इजरायल को खत्म करने और क्षेत्र को धमकाने की नीति जारी रखता है, तो उसे भी निशाना बनाया जाएगा।
इसी बीच, ईरान ने अली खामेनेई की मौत के करीब पांच महीने बाद अब उनके अंतिम संस्कार समारोह की तारीखें तय की हैं। 4 से 9 जुलाई तक तेहरान, कोम, मशहद (ईरान) और नजफ, करबला (इराक) में बड़े स्तर पर कार्यक्रम होंगे। आलोचकों का कहना है कि इतनी देरी और इतना बड़ा आयोजन जनसमर्थन दिखाने की कोशिश भर है।
बातचीत अब भी जारी
तनाव के बावजूद कूटनीतिक कोशिशें बंद नहीं हुई हैं। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के अधिकारी कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में तकनीकी बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने भी इस बातचीत की जमीन तैयार करने के लिए कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि 17 जून को हुए समझौते के कई बिंदुओं पर अब भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद बरकरार हैं।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 1 July 2026 at 23:30 IST