सिंधु के पानी रोके जाने से बौखलाया पाकिस्तान, ऑपरेशन सिंदूर की मार भूल बिलावल भुट्टो ने दी परमाणु धमकी, कहा- अगर जलमार्गों का गला घोंटा तो...
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को परमाणु हमले की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि पानी रोकना पाकिस्तान के अस्तित्व पर हमला है, जिसका परमाणु जवाब दिया जाएगा। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि स्थगित की है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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पाकिस्तान के नेता अपनी ओछी बयानबाजी से बाज नहीं आते हैं। एक तरफ आवाम रोटी-रोटी के लिए मोहताज है और दूसरी तरफ पाकिस्तानी नेता भारत को परमाणु धमकी दे रहे हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखा बयान दिया है।
उन्होंने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर भारत को परमाणु प्रतिक्रिया की धमकी दी है। यह बयान इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में दिया गया, जहां बिलावल ने सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफलाइन बताया।
बिलावल भुट्टो जरदारी ने इंडस वॉटर ट्रीटी पर इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बोलते हुए ये विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आधिकारिक परमाणु नीति का हिस्सा है कि अगर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को घेरा जाए या उसकी जलमार्गों को रोक दिया जाए, तो यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है जो परमाणु जवाब को ट्रिगर कर सकता है। बिलावल भुट्टो ने जोर देकर कहा कि सिंधु जल संधि को स्थगित करना पाकिस्तान की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
भारत ने स्थगित की सिंधु जल संधि
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान में आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई तक संधि निलंबित रहेगी। पाकिस्तान इसे अवैध बता रहा है और कानूनी कदम उठाने की बात कर रहा है।
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यह बिलावल का पहला ऐसा बयान नहीं है। पहले भी उन्होंने भारत पर सिंधु पर बांध बनाने जैसे कदमों के खिलाफ युद्ध की चेतावनी दी थी। पाकिस्तानी सेना प्रमुख और अन्य नेता भी समय-समय पर परमाणु धमकियां दे चुके हैं।
सिंधु जल संधि
यह बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला है। 1960 की सिंधु जल संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी, जो भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे का आधार है। विश्व बैंक की मध्यस्थता वाला 1960 का यह समझौता सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों का पानी बांटता है। भारत पूर्वी नदियों रावी, ब्यास, सतलज पर पूरा अधिकार रखता है, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम, चिनाब से मुख्य पानी मिलता था।
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भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद और पानी के मुद्दे अलग-अलग नहीं हैं। पाकिस्तान की तरफ से लगातार ऐसी भड़काऊ बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाती है। बिलावल का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर तनाव जारी है।
पाकिस्तान का न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन क्या है?
न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन (Nuclear Doctrine) या परमाणु सिद्धांत किसी देश की वह रणनीतिक नीति होती है, जो यह तय करती है कि वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कैसे करेगा। पाकिस्तान का आधिकारिक स्टैंड "नो फर्स्ट यूज" नहीं है। भारत के विपरीत, पाकिस्तान ने 'नो फर्स्ट यूज़' से इनकार किया है और जरूरत पड़ने पर पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का विकल्प खुला रखा है।