होर्मुज की लड़ाई में अब चीन की एंट्री, ईरान के जहाज पर कब्जे के बाद खुलकर आया सामने; अमेरिकी सेना को खूब लताड़ा

इस जहाज की पहचान 'तौस्का' के रूप में हुई है। इसे तब रोका गया जब इसने कथित तौर पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी से बचने की कोशिश की।

Donald Trump and Xi Jinping | Image: X

होर्मुज में अमेरिकी नौसैनिकों की नाकेबंदी के कारण स्ट्रेट में बवाल मचा हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में दावे किए जा रहे हैं कि ओमान की खाड़ी में ईरान का झंडा लगे एक मालवाहक जहाज पर कब्जा करने से पहले अमेरिका के एक विध्वंसक जहाज ने कथित तौर पर गोलीबारी की।

इस जहाज की पहचान 'तौस्का' के रूप में हुई है। इसे तब रोका गया जब इसने कथित तौर पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी से बचने की कोशिश की। अब इस मामले में चीन का भी बयान सामने आया है।

चीन ने क्या कहा?

होर्मुज मामले को खिंचता हुआ देखते हुए चीन ने दोनों पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि बीजिंग इस स्थिति को लेकर बहुत चिंतित है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने ईरान के इस जहाज पर कब्जे को अमेरिकी सेना द्वारा की गई जबरदस्ती की कार्रवाई भी बताया।

ये भी पढ़ेंः सीजफायर खत्म होने से पहले ईरान की दो टूक-बातचीत में सफलता नहीं मिलेगी

Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 20 April 2026 at 17:56 IST